दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों को तोड़ दिया। कई जगह ओले गिरे। बरसात व ओलों से फसल भीग गई। दाना काला हो गया। बालियां खेतों में झड़ गई। लालसोट क्षेत्र में ओले भी गिरे। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं कृषि विभाग के […]
दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों को तोड़ दिया। कई जगह ओले गिरे। बरसात व ओलों से फसल भीग गई। दाना काला हो गया। बालियां खेतों में झड़ गई। लालसोट क्षेत्र में ओले भी गिरे। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिलेभर में निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर खेतों में पहुंचकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों से सीधा संवाद कर नुकसान की जानकारी एकत्रित की। वहीं शुक्रवार को तापमान 32.7 व न्यूनतम 16.8 डिग्री दर्ज किया गया।
लालसोट में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गुरुवार रात से बदले मौसम के चलते तेज हवाओं के बाद तड़के शुरू हुई बारिश करीब ढाई घंटे तक चली, वहीं शुक्रवार दोपहर बाद फिर कई गांवों में चने के आकार के ओले गिरे, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ।
लालसोट और रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में गेहूं की खड़ी और कटी फसल भीग गई। कई जगह खेतों में कटी फसल पानी में तैरती नजर आई, जबकि तेज हवा से खड़ी फसल आड़ी पड़ गई। भयपुर, चांदावास, रामपुरा, कंवरपुरा स्वरूपपुरा, हेमल्यावाला, बिदरखा सहित कई गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए।
बांदीकुई उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से गेहूं की कटी फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में लगे पूलों में पानी भरने से फसल व चारा भीग गया। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी जारी रहने से किसानों की चिंता बढ़ी रही, वहीं तापमान गिरने से शाम को हल्की ठंडक महसूस की गई।
लवाण उपखंड क्षेत्र में सुबह करीब चार बजे अचानक अंधड़ और बारिश ने किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया खेतों में कटी जौ, गेहूं और सरसों की फसल बारिश और तेज हवा के चलते गिर गई या भीग गई, जिससे दाने पतले और बेरंग होने का खतरा बढ़ गया है। इससे मंडियों में भाव प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
पापड़दा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल पर बदले मौसम ने संकट खड़ा कर दिया है। बारिश से कटी हुई फसल भीग गई, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो भीगी फसल को कम दाम में बेचने की मजबूरी होगी, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने मुआवजे की मांग की है।
महुवा क्षेत्र में रुक-रुक कर हुई बारिश व तेज हवाओं से खड़ी और कटी गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर फसल भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल खराब हो सकती है।
सिकराय. क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लगातार खराब मौसम से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सैथल में शुक्रवार को हुई बारिश से जौ, गेहूं, चना व सरसों की फसल भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि कटी हुई फसल बारिश में खराब हो रही है। दिनभर खेतों में जुटे किसान भीगी फसल को बचाने में लगे रहे।
नांगल राजावतान क्षेत्र में शुक्रवार तड़के और दोपहर बाद तेज हवा, गर्जन के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में कटी पड़ी गेहूं, चना व जौ की फसल भीग गई।
कृषि अधिकारियों ने बताया कि बीमित फसलों में नुकसान की जानकारी किसान 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, ताकि समय पर बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी की जा सके। कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या लिखित रूप में अपने बैंक, कृषि विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचित कर सकते हैं।