देहरादून

अंकिता भंडारी केस पर BJP सांसद नरेश बंसल का विपक्ष पर हमला, बोले- राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा विपक्ष

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी मामले पर भाजपा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर राजनीतिक फायदा उठाने और लोगों की भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में ठोस मुद्दों की कमी के कारण विपक्ष इस मामले का सहारा ले रहा है और उसकी यह रणनीति उलटी पड़ सकती है।
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Oct 18, 2026
Ankita Bhandari Case
अंकिता भंडारी केस पर BJP सांसद नरेश बंसल का विपक्ष पर हमला, फोटो सोर्स- ANI

BJP MP Naresh Bansal: अंकिता भंडारी मामले को लेकर उत्तराखंड में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले का राजनीतिक फायदा उठाना चाहता है। बंसल के मुताबिक, विपक्ष लोगों की भावनाएं भड़काकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।

‘चुनाव के लिए विपक्ष के पास असली मुद्दे नहीं’

भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष के पास चुनाव में जनता के सामने रखने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं। इसलिए वह अंकिता भंडारी मामले के सहारे राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की यह रणनीति उलटी पड़ सकती है।

अंकिता भंडारी मामले पर सियासी बयानबाजी तेज

नरेश बंसल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अंकिता भंडारी मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा सांसद ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे के जरिए भावनाएं भड़काने और अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, बंसल ने अपने बयान में विपक्ष के किसी नेता का नाम लेकर विशेष आरोप नहीं लगाया। उनका कहना है कि इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करने वालों को इसका उलटा परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

भाजपा नेता के खिलाफ धरना

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता (वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी) ने 14 अक्टूबर 2026 की शाम को दिल्ली के इंडिया गेट पर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ धरना दिया था. उनका यह विरोध प्रदर्शन दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के खिलाफ था। अंकिता के परिजनों और विपक्ष का आरोप है कि इस हत्याकांड में जिस 'कथित वीआईपी' (VIP) की संलिप्तता की बात सामने आ रही थी, उसमें दुष्यंत गौतम का नाम भी उछाला गया था (हालांकि गौतम ने इन आरोपों को खारिज कर मानहानि की कार्रवाई शुरू की है)।

परिजनों की मांग है कि जब तक इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी राज्यपाल पद पर नियुक्ति को तुरंत रद्द या स्थगित किया जाए। इस धरने के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके समर्थन में बैठे थे। बाद में, 15 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कुछ विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था और कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

Updated on:
18 Oct 2026 03:20 pm
Published on:
18 Oct 2026 03:20 pm