
उत्तराखंड के युवाओं ने जाना पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक वैभव। फोटो-IANS
Uttarakhand Students West Bengal Visit: युवा संगम कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के विद्यार्थियों और शिक्षकों का एक दल पश्चिम बंगाल के दौरे पर है। इस दौरान युवाओं को राज्य की संस्कृति, परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और शैक्षणिक परिवेश को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। दौरे के दौरान उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। इस संवाद में शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
युवा संगम कार्यक्रम का संचालन केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसी पहल के अंतर्गत उत्तराखंड के विद्यार्थियों और शिक्षकों का दल पश्चिम बंगाल पहुंचा। यहां उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनुभव आधारित सीखने से जुड़ी गतिविधियां शुरू हुईं।
इस दौरे के माध्यम से युवाओं को दूसरे राज्य की जीवनशैली, स्थानीय परंपराओं और सामाजिक परिवेश को समझने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद और आपसी समझ को भी बढ़ावा देना है।
दौरे के दौरान 8 अक्टूबर को उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं के लिए सीखने के अवसरों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने के महत्व पर चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस मुलाकात से विद्यार्थियों और शिक्षकों को राज्यपाल के विचार जानने और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर मिला। इस तरह का संवाद युवाओं को अलग-अलग राज्यों के अनुभवों से सीखने और देश की विविधता को करीब से जानने में मदद करता है।
पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को करीब से जानने के लिए उत्तराखंड के दल ने 9 अक्टूबर को कोलकाता के प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का भ्रमण किया। हुगली नदी के किनारे स्थित प्रिंसेप घाट कोलकाता के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यहां युवाओं को शहर के ऐतिहासिक परिवेश, नदी के आसपास के प्राकृतिक दृश्यों और स्थानीय वातावरण को अनुभव करने का अवसर मिला। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक पहचान से परिचित कराया।
दल ने सुंदरवन का भी दौरा किया। इस दौरान युवाओं को राज्य की प्राकृतिक विरासत और विशिष्ट भौगोलिक पहचान को करीब से जानने का अवसर मिला। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने का मौका मिल रहा है।
युवा संगम के तहत उत्तराखंड के इस दल का समन्वयक संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है। वहीं, पश्चिम बंगाल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है।
मेजबान संस्थान के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, स्थानीय परंपराओं और शैक्षणिक परिवेश को समझने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में शामिल युवा विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवों से सीखने के साथ दूसरे राज्यों के लोगों से जुड़ने का मौका भी पा रहे हैं।
युवा संगम कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाना है।
कार्यक्रम के सातवें चरण में 20 जोड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे के यहां जाकर संस्कृति, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार से जुड़े प्रयासों और विकास संबंधी पहलों को समझने का अवसर दिया जा रहा है।
Updated on:
11 Oct 2026 03:39 pm
Published on:
11 Oct 2026 03:33 pm
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