
देहरादून।
उत्तराखंड में डेंगू से राज्य भर में 18 से अधिक मौतें हो गईं है और प्रदेश में पहली बार डेंगू के मरीजों का आंकडा 2700 से अधिक पहुंच गया है। राजधानी दून में ही 1788 मरीज सामने आए हैं और आठ लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही नैनीताल में भी 869 डेंगू के मरीज पाए गए और आठ मौत हो गई। चिकित्सा सुविधा में सुधार लाने का दावा करने वाली सरकार पर डेंगू का प्रकोप भारी पड़ता नजर आ रहा है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कह रहे हैं कि मैं भी कह सकता हूं कि विपक्षी डेंगू मच्छर लाकर यहां छोड़ गया है। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बैठक के दौरान उत्तराखंड में मरीजों का आंकड़ा 2595 बताया गया। हांलाकि दून और नैनीताल के मरीजों की संख्या इससे अधिक है।
जुलाई से सितंबर में ही मरीजों की संख्या 2700 पारइसके अलावा हरिद्वार में एक मरीज के मरने की मौत समेत लगभग सौ मरीजों के सामने आने आए हैं। इसके अतिरिक्त टिहरी में डेंगू से एक मौत व 22 लोगों के डेंगू से पीडित मरीज सामने आए हैं। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2016 में मरीजों की संख्या 2048 थी। तब राज्य सरकार द्वरा अलर्ट घोषित किया गया था। लेकिन इस बार जुलाई से सितंबर में ही मरीजों की संख्या 2779 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को दून अस्पतॉल के आंकडे जारी करते हुए बताया कि दून अस्पतॉल में 909 डेंगू के मरीज सामने आए और आठ मौतें हुई। इसी तरह गांधी आई अस्पतॉल में 364 मरीज सामने आए।