देहरादून

हरिद्वार को मिला नया मेडिकल कॉलेज: ESIC मेडिकल कॉलेज को मंजूरी, हर साल 50 MBBS सीटों पर होंगे दाखिले

Pushkar Singh Dhami: हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मिली मंजूरी, जहां 50 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।
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Pushkar Singh Dhami
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Haridwar ESIC Medical College Approval: हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बैच में 50 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। यह मेडिकल कॉलेज हरिद्वार स्थित मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए प्रारंभ किया जाएगा।

ईएसआईसी की 198वीं बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी 30 जून, 2026 को नई दिल्ली स्थित ईएसआईसी मुख्यालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम की 198वीं बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में प्रदान की गई है। इसके तहत मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।

युवाओं के लिए एमबीबीएस शिक्षा और रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा तथा युवाओं को एमबीबीएस की शिक्षा के लिए एक और महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी।

मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा बेहतर इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जाने से उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

Updated on:
02 Oct 2026 03:48 pm
Published on:
02 Oct 2026 03:48 pm