देहरादून

Kumbh Mela 2027: हर की पैड़ी पर बनेंगे 3 अस्थायी रैंप, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने का प्लान

Haridwar News: हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों के तहत हर की पैड़ी पर 139.60 लाख रुपये की लागत से तीन अस्थायी रैंप बनाए जाएंगे।
3 min read
May 07, 2026
haridwar kumbh 2027 har ki pauri ramps
हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी | Image - X/@IANS

Har Ki Pauri Ramps: हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला 2027 को लेकर प्रशासन और मेला प्राधिकरण ने तैयारियों को तेज कर दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए हर की पैड़ी स्थित ब्रह्म कुंड क्षेत्र में तीन अस्थायी रैंप बनाए जाने की योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस बार कुंभ मेले में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भीड़ आने की संभावना है, इसलिए पहले से ही व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

139.60 लाख रुपये की लागत से होगा निर्माण

इस परियोजना पर करीब 139.60 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। रैंप निर्माण का कार्य कुंभ मेले की शुरुआत से लगभग दो महीने पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण कार्य अस्थायी होगा लेकिन इसकी संरचना मजबूत और सुरक्षित बनाई जाएगी ताकि भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

ब्रह्म कुंड तक आसान पहुंच बनाने की योजना

हर की पैड़ी स्थित ब्रह्म कुंड कुंभ मेले का सबसे प्रमुख स्नान स्थल माना जाता है। यहां शाही स्नान और अन्य विशेष स्नान पर्वों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्नान स्थल तक पहुंचाने के लिए तीन अस्थायी रैंप तैयार किए जाएंगे। इन रैंपों के जरिए श्रद्धालु आसानी से ब्रह्म कुंड पहुंच सकेंगे और स्नान के बाद दूसरी ओर स्थित आरक्षित मेला क्षेत्र तक पहुंच पाएंगे।

तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों से जुड़े होंगे रैंप

प्रशासन की योजना के अनुसार, ये रैंप तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए बनाए जाएंगे। प्रत्येक रैंप की अनुमानित लंबाई 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर निर्धारित की गई है। इन पुलों और रैंपों के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग-अलग दिशाओं में विभाजित किया जाएगा, जिससे भीड़ का दबाव कम होगा और भगदड़ जैसी स्थिति से बचाव किया जा सकेगा। मेला प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था कुंभ मेले के दौरान ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में बड़ी भूमिका निभाएगी।

अखाड़ों और स्नानार्थियों को मिलेगी बड़ी राहत

कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों की पेशवाई और शाही स्नान के समय लाखों साधु-संत और श्रद्धालु हर की पैड़ी पहुंचते हैं। ऐसे अवसरों पर भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। अस्थायी रैंप और स्टील पुलों की मदद से अखाड़ों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इससे आम श्रद्धालुओं को भी स्नान के दौरान कम भीड़ और बेहतर सुविधा का अनुभव मिलेगा। प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस

कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। रैंप निर्माण के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था, बैरिकेडिंग, मेडिकल सहायता और पुलिस तैनाती की योजना भी तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रैंप बनने के बाद भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकेगा।

समय से पहले पूरी होंगी सभी तैयारियां

मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुंभ 2027 की सभी प्रमुख परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। हर की पैड़ी पर बनने वाले ये अस्थायी रैंप भी उसी योजना का हिस्सा हैं। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक व्यवस्थाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इस बार कुंभ मेले को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जाएगा।

Updated on:
07 May 2026 04:16 pm
Published on:
07 May 2026 11:00 am
Also Read
View All