
Weather Alert:ला नीना और पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस साल दिसंबर और जनवरी में भीषण ठंड पड़ सकती है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दिसंबर में उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में अच्छी खासी बर्फ पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल ठंड का असर कुछ देर से शुरू होगा। दिसंबर और जनवरी में ठंड अपने चरम पर रहेगी। नवंबर के इस आखिरी सप्ताह तक तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी। दिसंबर में 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हो सकती है। मैदानों में कोहरा रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है। साथ ही अच्छी खासी बारिश भी देखने को मिल सकती है। नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह के मुताबिक अक्तूबर, नवंबर से ही ला नीना का प्रभाव दिखने लगा है l दिसंबर-जनवरी में 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिसंबर में बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी की भविष्यवाणी से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल दौरे पर आज अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए है। सीएम ने बढ़ रहे ठंड को देखते हुए प्रदेशभर में रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही ठंड और शीतलहर से बचाव के लिए अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि रैन बसेरों में सभी उचित व्यवस्थाएं की जाए और जरूरतमंदों को ठंड से बचाव के लिए कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में टीमों को सक्रिय रखते हुए शहरों, कस्बों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि असहाय व बेघर लोगों को समय पर राहत मुहैया कराई जा सके।
आईएमडी के मुताबिक अगले दो-तीन दिन के दौरान उत्तराखंड में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक बढ़ोत्तरी की संभावना है। राज्य के पर्वतीय इलाकों में एक सप्ताह के दौरान कहीं-कहीं घाटियों में कोहरा छा सकता है। आईएमडी के मुताबिक आज से लेकर तीन दिसंबर तक राज्य में मौसम शुष्क रह सकता है। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि पर्वतीय इलाकों में पाला गिरने की संभावना जरूर रहेगी। इससे ठंड में बढ़ोत्तरी के आसार हैं।