
Haridwar News:उत्तराखंड के हरिद्वार की हरकी पैड़ी से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति अपनी पत्नी की तस्वीर के साथ ऐसा व्यवहार करता दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। दावा किया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी की रील बनाने की आदत से परेशान था और इसी गुस्से में उसने जिंदा पत्नी का पिंडदान कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। मामले को लेकर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
सोशल मीडिया पर हो रहेवायरल वीडियो में एक व्यक्ति गंगा तट पर अपनी पत्नी की तस्वीर के साथ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि उसने पहले पत्नी की फोटो पर थूका और बाद में उसे गंगा में प्रवाहित कर दिया। इतना ही नहीं, वीडियो में युवक को गंगा में पिंड डालते हुए भी देखा जा सकता है। इसी आधार पर सोशल मीडिया यूजर्स यह दावा कर रहे हैं कि युवक ने अपनी जीवित पत्नी का पिंडदान किया है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
वायरल पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी की लगातार रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो डालने की आदत से परेशान था। इसी नाराजगी में उसने हरकी पैड़ी पहुंचकर यह कथित हरकत की। मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे सनातन परंपराओं का अपमान बता रहे हैं, जबकि कई लोग ऐसे वीडियो बनाकर वायरल करने की मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता पाने की होड़ में लोग धार्मिक स्थलों और सनातन परंपराओं का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की हरकतें किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने भी वायरल वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां इस प्रकार की गतिविधियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर इस तरह का वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उज्जवल पंडित ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं को देखकर चुप रहने वाले लोग भी कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेदार हैं।
धार्मिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थलों पर इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सत्यता और पूरे मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में बना हुआ है और लोग धार्मिक स्थलों पर इस तरह के वीडियो बनाए जाने को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।