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चमोली टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत, 3 लापता; CM धामी मौके पर पहुंचे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने की बात

Uttarakhand Tunnel Accident Latest News: चमोली टनल हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत और 3 के लापता होने की खबर है। CM धामी मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं, जबकि CM हेमंत सोरेन ने झारखंड के मजदूरों को लेकर धामी से बात की है।
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Chamoli Tunnel Accident

चमोली टनल हादसे के बाद मौके पर CM धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायजा। (फोटो सोर्स-ANI)

Chamoli Tunnel Rescue: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया है। सुरंग में पानी और भारी मलबा घुसने के बाद अब तक 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 3 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद NDRF, SDRF और ITBP की टीमें लगातार सुरंग के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।

हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और दूसरी राहत एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बचाए गए घायल मजदूरों से भी मुलाकात कर उनका हाल जानेंगे।

अचानक सुरंग में भर गया पानी और मलबा

हादसा मायापुर क्षेत्र में बन रही THDC सुरंग में हुआ। बताया जा रहा है कि सुरंग के मुहाने से करीब 1.8 किलोमीटर अंदर मजदूर पहली शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान भारी भूस्खलन हुआ। उस समय कैविटी की पैकिंग के बाद ग्राउटिंग का काम चल रहा था।

अचानक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और कैविटी का हिस्सा गिरने के साथ पानी और भारी मलबा सुरंग के अंदर भरने लगा। देखते ही देखते वहां काम कर रहे मजदूर मुश्किल में फंस गए। हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

22 में से 3 मजदूरों की तलाश जारी

जानकारी के मुताबिक हादसे के दौरान कुल 22 मजदूरों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें से 7 की मौत हो चुकी है, जबकि 3 मजदूरों का अभी पता नहीं चल पाया है। राहत टीमों का पूरा ध्यान इन लापता मजदूरों को खोजने पर है। रेस्क्यू अभियान में जुटे छह जवानों के सुरक्षित होने की भी जानकारी है।

यह परियोजना अलकनंदा नदी पर हाट सियासैंण इलाके में बन रही विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। THDC-NTPC की 444 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना में करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार की जा चुकी है और परियोजना का लगभग 70 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी है।

हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया

उधर, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। हादसे में झारखंड के खूंटी, गुमला समेत कुछ जिलों के मजदूरों के फंसे होने की सूचना है, इसलिए झारखंड सरकार भी उत्तराखंड प्रशासन के संपर्क में है। मजदूरों के परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के अंदर लापता मजदूरों तक पहुंचना है। खराब मौसम के बीच राहत एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।