
CM Pushkar Singh Dhami:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार पहुंचे करीब 5 करोड़ शिवभक्तों का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि इस बार देवभूमि उत्तराखंड में श्रद्धा का विशाल स्वरूप देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़ियों के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्थाओं का समन्वय नजर आया। उन्होंने मेले को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों, आपदा प्रबंधन दल, सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भूमिका की भी सराहना की।
CM धामी ने अपनी पोस्ट में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में शिवभक्तों का उत्तराखंड पहुंचना भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की इस भागीदारी से राज्य की सेवा और आतिथ्य परंपरा में उनके भरोसे का भी पता चलता है।मुख्यमंत्री ने मेले की व्यवस्थाओं में जुटे विभिन्न विभागों और संस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीम, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों के योगदान को सराहनीय बताया।
सावन के दौरान हरिद्वार कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र रहता है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर गंगा जल लेते हैं और फिर अपने-अपने क्षेत्रों में लौटते हैं। इसके बाद निर्धारित शिवालयों में गंगाजल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हरिद्वार और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी बढ़ जाती है।
इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर सफाई और आपदा प्रबंधन तक कई विभागों की जिम्मेदारी तय की गई थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं के संचालन में पुलिस और प्रशासन के साथ अन्य विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के अंत में भगवान महादेव से सभी शिवभक्तों पर कृपा बनाए रखने और उनकी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। उन्होंने कांवड़ मेला-2026 में शामिल हुए श्रद्धालुओं और आयोजन को व्यवस्थित बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।