
Haridwar Kanwar Yatra: हरिद्वार में सावन महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। कांवड़ यात्रा से पहले काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कांवड़ मार्ग पर दुकान लगाने वाले गैर-हिंदू व्यापारियों और दुकानदारों को खुली चेतावनी दी है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग से गैर-हिंदुओं की दुकानों को हटाया जाएगा और अगर किसी ने वहां दुकान लगाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने अपने बयान में कहा कि काली सेना ने पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि कांवड़ मार्ग पर कोई भी गैर-हिंदू दुकान नहीं लगाएगा। उन्होंने कहा कि अगर लोग शांति से हमारी बात मान लेते हैं तो ठीक है वरना यात्रा शुरू होने पर मार्ग में कोई भी ऐसी दुकान नहीं बचने दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि हरिद्वार एक धार्मिक स्थल है और यह यात्रा पूरी तरह से पवित्र है। ऐसे में अगर कोई गैर-हिंदू यहां किसी भी व्यवस्था का हिस्सा बनता है तो वह हमारी इस पवित्र यात्रा को अपवित्र करने के लिए आ रहा है इसलिए किसी भी गैर-हिंदू को यहां दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हालांकि, प्रशासन की ओर से गैर-हिंदू दुकानों को हटाने संबंधी किसी आदेश की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
आपको बता दें कि इस साल कांवड़ यात्रा 30 जुलाई, 2026 को सावन महीने के पहले दिन से शुरू हो रही है। यह धार्मिक यात्रा 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। इस दौरान पूरे देश से लाखों की संख्या में शिवभक्त और कांवड़िए हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगा नदी का पवित्र जल भरकर अपने गंतव्य की ओर ले जाते हैं।
कांवड़ यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, सीएपीएफ, एसडीआरएफ, एटीएस, होम गार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों सहित लगभग 10,000 कर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने यात्रा के मुख्य रास्तों पर निगरानी के लिए जगह-जगह वॉच टावर बनाए हैं और पूरा इलाका CCTV कैमरों की नजर में रहेगा। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के लिए तय किए गए सभी मार्गों पर मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।