
Kedarnath Yatra 2026:उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग जिले के मुनकटिया इलाके में पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ हाईवे बंद हो गया है। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है और यात्रा कंट्रोल रूम इस पूरी स्थिति पर रीयल टाइम में नजर बनाए हुए है।
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह रजवार ने हालात की जानकारी देते हुए बताया कि बारिश के चलते यात्रा मार्ग पर कई जगहों पर रास्ता बंद होने का लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि मुनकटिया में जो सड़क बंद हो गई थी उसे फिलहाल साफ कर दिया गया है लेकिन ऊपर से लगातार पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए यह जगह अभी भी काफी जोखिम भरी बनी हुई है।
DDMO रजवार ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत लोगों को इस खतरनाक इलाके से बहुत ही सावधानी के साथ पार कराया जा रहा है। संबंधित सेक्टर अधिकारी और रेस्क्यू टीमें पूरे यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी कर रही हैं। वे तीर्थयात्रियों को सही रास्ता दिखा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम पूरी मुस्तैदी से कर रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा रोकने की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी और कई जगहों पर भूस्खलन होने के कारण यह बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तरकाशी से लेकर देहरादून और टिहरी में सुबह से ही लगातार भारी बारिश हो रही है जिससे यात्रियों के लिए खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे जरूरी है और मौसम साफ होते ही यह यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।
प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। यात्रा कंट्रोल रूम लगातार मौसम से जुड़े नए अलर्ट जारी कर रहा है। इसके साथ ही लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं करके केदारनाथ मार्ग पर पहले से मौजूद दुकानदारों और तीर्थयात्रियों को सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और हालात सामान्य होने तक यह कड़ी निगरानी जारी रहेगी।