देहरादून

Chardham Yatra: केदारनाथ यात्रा को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना पड़ा महंगा, एक FIR और दर्ज

Chardham Yatra: पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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Spreading misleading information about the Kedarnath Yatra proved costly another FIR registered
केदारनाथ यात्रा को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना पड़ा महंगा। फोटो सोर्स-IANS

Chardham Yatra: चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में शुक्रवार तो रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और FIR दर्ज की गई है।

VIP प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी

सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम ID 'दकर्लीपोएट' के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। वीडियो में यह गलत जानकारी दी गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु को स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद प्रशासन द्वारा सहायता नहीं दी गई और VIP प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।

शव को गुप्तकाशी भेजा गया

जबकि वास्तविकता में दिनांक 22 अप्रैल को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन द्वारा तत्काल केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। जिसके बाद प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा गया। उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर आमजन को भ्रमित करने एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जिस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी

उक्त प्रकरणों में संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं डिजिटल कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर भी शीघ्र कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी की जा रही है और उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है।

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि चार धाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की यह प्रक्रिया लगातार, सख्ती और पूरी सतर्कता के साथ जारी रहेगी।

Published on:
25 Apr 2026 05:30 pm
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