देहरादून

घायलों का निजी अस्पतालों में होगा फ्री इलाज, सीएम ने दिए निर्देश, बढ़ते हादसों पर जताई चिंता

Free Treatment:हादसों में घायल हुए लोगों का अब प्राइवेट अस्पतालों में फ्री में इलाज होगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को इसका प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
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Updated: 19 Nov 2025, 7:45 AM IST
The injured will be treated free of cost in private hospitals.
देहरादून में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी आदि। फोटो सोर्स सूचना विभाग

Free Treatment:हादसों में घायल लोगों को निजी अस्पतालों में फ्री में इलाज मिलेगा। मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक में सीएम ने अफसरों को ये निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और वाहनों में ओवरलोडिंग न हो। उन्होंने कहा कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करें। कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए रिस्पांस टाइम को कम से कम रखा जाए। दुर्घटनाओं से बचाव और त्वरित सहायता के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कराने के भी निर्देश सीएम ने दिए। सीएम ने एआई और तकनीक आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर ध्यान दिए जाने के साथ ही सभी जिलों में यातायात सिस्टम को ऑटोमेटेड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने सड़क सुरक्षा को लेकर अच्छी पहल की है, उनको पूरे राज्य में लागू किया जाए।

पहाड़ों पर लगाएं क्रश बैरियर

सीएम धामी ने कहा कि पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वाहनों के रुकने की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए, जहां आस-पास में लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए परिवहन एवं पर्यटन विभाग समन्वय स्थापित कर योजना बनाएं। सीएम ने शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम व नंदा राजजात यात्रा की व्यवस्थाएं तेजी से शुरू करने के निर्देश भी दिए। कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डों पर नियमित सतर्कता बरती जाए।

उत्तराखंड चौथे स्थान पर

उत्तराखंड में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश के 11 पर्वतीय राज्यों में उत्तराखंड सड़क हादसों की संख्या के लिहाज से चौथे जबकि मौत के मामले में तीसरे नंबर पर है। मंगलवार को सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में रखे गए आंकड़ों में यह चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। गंभीर हादसों के मामले में उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील राज्यों की रैंकिंग में छठे पायदान पर है। सचिवालय में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में परिवहन विभाग के आंकड़े देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए। हादसों के मामलों में 11 हिमालयी राज्यों में असम, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के बाद उत्तराखंड चौथे नंबर पर है। आंकड़ों के अनुसार, सर्वाधिक मौतें भी असम, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही हैं।

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19 Nov 2025, 7:45 AM IST
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