इस बार विशेष प्रशिक्षण वाले चयनित सभी युवक और युवतियों की ट्रेनिंग प्रदेश के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों ही मंडलों में दी जाएगी...
(देहरादून): आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र पूरे प्रदेश से 150 युवक और युवतियों को आपदा बचाव और राहत का विशेष प्रशिक्षण देगा। जिन युवक -युवतियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा उनके चयन में योग्यता और शरीर की बनावट पर भी ध्यान दिया जाएगा। अब तक दस हजार से ज्यादा युवक और युवतियों को आपदा प्रबंधन की आेर से ट्रेनिंग दी जा चुकी है। लेकिन इन लोगों को आपदा बचाव और राहत की सामान्य ट्रेनिंग ही दी गई है।
इस बार विशेष प्रशिक्षण वाले चयनित सभी युवक और युवतियों की ट्रेनिंग प्रदेश के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों ही मंडलों में दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी ले जाया जाएगा ताकि आपदा के दौरान आपदा प्रबंधन या रेस्क्यू टीम के पहुंचने के पहले विशेष प्रशिक्षित टीम जमीन के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय लोगों की मदद कर सके। इन युवक और युवतियों को खाई में उतरने और चढऩे की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वाहन दुर्घटनाआें के समय भी यात्रियों को तत्काल खाई से बाहर निकालने में मदद मिल सके।
दरअसल वाहन दुर्घटना के समय तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं होने से गंभीर रूप से घायलों को बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता है। पूर्व में अब तक युवक और युवतियों को दी गई ट्रेनिंग में इस तरह की कोई खास व्यवस्था नहीं है। लेकिन पर्वतीय जनपदों में बढ़ रही सडक़ दुर्घटनाआें को देखते हुए विशेष प्रशिक्षण के तहत खाई से निकलने और खाई में प्रवेश करने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। सबसे खास बात यह है कि ट्रेनिंग के बाद सभी युवक और युवतियों को उनके मूल जनपदों में भेज दिया जाएगा। इसके अलावा सभी के फोन नंबर जनपदों में तैनात आपदा प्रबंधन की टीम के अलावा सचिवालय स्थित आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के पास भी होगा। जिसका इस्तेमाल आपदा के दौरान प्रशिक्षित युवक और युवतियों को आपदा राहत और बचाव के समय किया जाएगा।