
रुद्रप्रयाग शिक्षक बर्खास्त | फोटो सोर्स- patrika.com
Uttarakhand School Teacher News: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शिक्षा विभाग के एक सख्त फैसले ने हड़कंप मचा दिया है। करीब 5 से 7 साल से काम कर रहे 10 सहायक अध्यापकों की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई। यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया है। इतना ही नहीं, जिन शिक्षकों को जनगणना जैसे महत्वपूर्ण काम में लगाया गया था, उन्हें वहां से भी हटा दिया गया है।
इस पूरे मामले की जड़ हाईकोर्ट का आदेश है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद कोर्ट ने साफ निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति नियमों के अनुसार नहीं हुई, उन्हें हटाया जाए। शिक्षा विभाग ने इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी 10 शिक्षकों को सेवा से बाहर कर दिया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी के अनुसार, इन शिक्षकों पर आरोप था कि उन्होंने बीएड की पढ़ाई तो की, लेकिन निर्धारित अंक पूरे नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें नौकरी मिल गई थी। और साथ ही ये शिक्षक पिछले 5 से 7 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर मामला कोर्ट पहुंचा और आखिरकार फैसला शिक्षकों के खिलाफ गया।
हटाए गए शिक्षकों में चार ऊखीमठ, पांच जखोली और एक अगस्त्यमुनि ब्लॉक से जुड़े थे। यह कार्रवाई पूरे जिले के शिक्षा तंत्र के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि नियमों में किसी तरह की ढील अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले इन शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई थी, लेकिन सेवा समाप्त होने के बाद प्रशासन को पत्र भेजकर उन्हें इस जिम्मेदारी से भी मुक्त कर दिया गया।
सरिता चमोला निवासी रुद्रप्रयाग राप्रावि लड़ियासू, अरविंद नेगी निवासी उत्तरकाशी राप्रावि भटवाड़ी, सादेव प्रसाद निवासी पौड़ी राप्रावि कोटी, श्याम लाल निवासी अल्मोड़ा राप्रावि खोड़, सुभाष कुमार निवासी पौड़ी, राप्रावि चोपड़ा, खजान सिंह निवासी देहरादून राप्रावि कलोनी, अनूप पुजारी निवासी चमोली राप्रावि कोणगढ़, रानी देवी निवासी चम्पावत राप्रावि मक्कू, पुष्पेंद्र सिंह निवासी पौड़ी राप्रावि राउस्वर्ण, चन्दर सिंह निवासी देहरादून राप्रावि करोखी।
Updated on:
03 May 2026 12:01 pm
Published on:
03 May 2026 12:01 pm
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