देहरादून

उड़ान भरते ही खराब हुआ राज्यपाल गुरमीत सिंह का हेलिकॉप्टर, श्रीनगर में करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

उत्तराखंड के रिटायर्ड राज्यपाल के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग ने प्रदेश को बड़े हादसे से बचा लिया। जानिए पायलट की सूझबूझ ने कैसे टाली अनहोनी?
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Lt. Governor Gurmeet singh
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उत्तराखंड के रिटायर्ड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। राज्यपाल टिहरी झील महोत्सव से लौटकर गैरसैंण जा रहे थे तभी बीच हवा में चॉपर में खराबी का अलर्ट मिला। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत श्रीनगर स्थित जीवीके (GVK) हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

पायलट ने दिखाया साहस

जानकारी के अनुसार, राज्यपाल का हेलीकॉप्टर जब उड़ान भर रहा था तभी दोपहर करीब 1:30 बजे पायलट को तकनीकी सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थान की तलाश की। और श्रीनगर के जीवीके हेलिपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। सुरक्षित लैंडिंग के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। पायलट की तत्परता की सराहना की जा रही है क्योंकि समय रहते लिया गया फैसला अनहोनी को टालने में मददगार रहा।

गैरसैंण जा रहे थे राज्यपाल

राज्यपाल गुरमीत सिंह चमोली जिले के गैरसैंण के लिए रवाना हुए थे। दरअसल, सोमवार से उत्तराखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र शुरू होना है जहां पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और बजट पेश किया जाना प्रस्तावित है। इसी संवैधानिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे निकले थे लेकिन तकनीकी बाधा के कारण उन्हें बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा।

सुरक्षित हैं राज्यपाल

इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा घेरे में राज्यपाल को जीवीके हेलीपैड से निकालकर श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया। कोतवाली निरीक्षक कुलदीप सिंह ने पुष्टि की है कि राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल गेस्ट हाउस में विश्राम कर रहे हैं। उनके साथ उनका स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद हैं।

तकनीकी जांच के बाद होगा आगे का फैसला

वर्तमान में विशेषज्ञों और इंजीनियर्स की टीम हेलीकॉप्टर में आई खराबी की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी क्लीयरेंस मिलने के बाद ही अगली उड़ान को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि खराबी गंभीर पाई जाती है तो राज्यपाल को सड़क मार्ग या दूसरे वैकल्पिक साधन से गैरसैंण भेजने की तैयारी की जा सकती है।

Published on:
08 Mar 2026 03:38 pm
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