देहरादून

उत्तराखंड में भर्ती को लेकर बवाल, 5 घंटे से डटीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभ्यर्थियों ने दी आत्महत्या की चेतावनी

देहरादून के परेड ग्राउंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र हो गया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रही हैं।

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May 11, 2026
नर्सिंग अभ्यर्थियों ने दी आत्महत्या की चेतावनी

Uttarakhand News: देहरादून में पिछले पांच घंटे से महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं। वह नर्सिंग अभ्यर्थियों के साथ वर्षवार भर्ती की मांग कर रही हैं। अब उनका समर्थन देने के लिए उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार भी मौके पर पहुंचे हैं। बॉबी पंवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में दखल देने की मांग की है।

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आंदोलन क्यों हो रहा है?

नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले 158 दिनों से एकता विहार में लगातार धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि 23 दिनों से जारी आमरण अनशन के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आत्महत्या तक कर सकते हैं। उनका कहना है कि अगर हमारे पास रोजगार नहीं है, तो जीवन जीने का क्या फायदा।

ज्योति रौतेला का बयान

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि 158 दिनों से बच्चे धरना दे रहे हैं और आज थक-हारकर पानी की टंकी पर चढ़ रहे हैं, तो उन्हें उनका समर्थन करना जरूरी लगा। रौतेला ने कहा कि सरकार इन 2000 नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को अनसुना कर रही है।

भर्ती प्रक्रिया और रिक्त पद

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने 2015-16 में पढ़ाई पूरी की, लेकिन अब एंट्रेंस क्लियर नहीं कर पा रहे हैं। सरकार के पास अभी 4 हजार से अधिक रिक्त पद हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि मंत्री तो समर्थन कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक कार्रवाई नहीं हो रही।

पानी की टंकी पर चढ़ने से अफरा-तफरी

आंदोलनकारियों के पानी की टंकी पर चढ़ने से परेड ग्राउंड क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर 12-15 पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

आंदोलनकारी अब लिखित आश्वासन चाहते हैं

नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल किशोर पुंडीर ने कहा कि अब वे केवल मौखिक भरोसे पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। जब तक सरकार लिखित रूप में ठोस निर्णय नहीं लेती, संघर्ष जारी रहेगा। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में हजारों नर्सिंग पद खाली हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

महिलाओं और रोजगार पर सवाल

पुंडीर ने कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान और रोजगार की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रदेश में लगभग 3 हजार से अधिक नर्सिंग पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही।

नर्सिंग अभ्यर्थियों की चार मांगें

  • वर्षवार भर्ती – भर्ती नियमावली को स्थायी रूप से वर्षवार लागू किया जाए, ताकि प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी बनी रहे।
  • पदों पर पुनः भर्ती – IPHS मानकों के अनुसार करीब 2000 पदों पर वर्षवार भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाए।
  • जांच और न्याय – पिछली भर्तियों में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले।
  • लिखित आश्वासन – अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अब केवल मौखिक वादों पर नहीं मानेंगे; सरकार से ठोस और लिखित कार्रवाई चाहिए।

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Published on:
11 May 2026 11:04 am
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