भारतीय जनता पार्टी के मतदाता अभिनंदन समारोह का आयोजन श्री रैनाथ ब्रह्मदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित हुआ। समारोह के दौरान ही कुछ कार्यकर्ता बिना सूची में नाम बोले मंच पर चढ़ गए। इसके बाद नीचे बैठे कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा मचाया। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद कुछ कार्यकर्ता सभागार से बाहर निकल गए।
प्रदेश सरकार में ग्राम विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के कार्यक्रम में जमकर हंगामा हो गया, इस दौरान उन्हें उन्हें अपने ही विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ा। वह कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं। कार्यकर्ताओं ने मंत्री पर सपा कार्यकर्ताओं के लिए काम करने का आरोप लगाया। उनके हाथों सम्मान लेने से मना कर दिया। इसके बाद मंत्री के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। कार्यकर्ता सम्मान लेने के लिए मंच पर ही नहीं चढ़े। वहीं कुछ तो गले में पड़ा पटका फेंककर चले गए।
बता दें कि लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में अपेक्षित सीटें नहीं आई तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने समीक्षा की। इसमें कार्यकर्ताओं की उदासीनता की बात सामने आई। इसके बाद पार्टी स्तर पर सभी विधानसभाओं में कार्यकर्ताओं के सम्मान की योजना बनी। इसी के तहत बुधवार को जिले के सलेमपुर के रैनाथ ब्रह्म महाविद्यालय में कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।इसमें विधायक और ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और प्रभारी संतराज यादव भी मौजूद थे। मंत्री के आने पर जब सम्मान के लिए कार्यकर्ताओं को मंच से आवाज दी गई तो कुछ कार्यकर्ता गुस्सा हो गए। उन्होंने आने तक से मना कर दिया।
कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम पर चुनाव हरवाने का आरोप लगाते हुए सम्मान लेने से इंकार कर दिया। गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री पर समाजवादी पार्टी और उनके कार्यकर्ताओं का काम करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं के विरोध से सभागार में अफरा-तफरी मच गई।वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण कुमार सिंह ने कहा- यह सम्मान समारोह नहीं बल्कि, कार्यकर्ताओं को चिढ़ाने का कार्यक्रम जब चुनाव में हार मिली है, तो कैसा कार्यकर्ता सम्मान। उन्होंने राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम पर चुनाव हरवाने का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।
छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ओम नारायण सिंह, धर्मेंद्र कुशवाहा, आनन्द कुशवाहा, सोनू सिंह, फाफा सिंह, अटल पांडेय, देवेंद्र भारतीय, विभूति प्रसाद, राम नयन सिंह, उमाकांत त्रिपाठी, चुनचुन सिंह ने मंत्री से सम्मान लेने से मना कर दिया। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महामंत्री प्रमोद शाही कार्यकर्ताओं को समझाते रहे, लेकिन वे नहीं मानें।जिन कार्यकर्ताओं को पटका पहनाया गया, वह भी फेंककर चले गए। कार्यकर्ता सम्मान समारोह में लगभग 200 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन के दौरान 60 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और सम्मान लेने से मना कर दिया
वहीं, कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश तिवारी को अध्यक्षता करनी थी, लेकिन वह नहीं पहुंचे। पूर्व सांसद रविंदर कुशवाहा और एमएलसी डा रतन पाल सिंह भी नहीं पहुंचे। इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चा होती रही। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा- लोकसभा चुनाव में हार की वजह से कुछ कार्यकर्ता आहत थे, जिन्हें समझाकर शांत कराया गया। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आगे काम करने का वादा किया है।