देवरिया जिले में गेहूं की कटाई के इस मौसम में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए DM देवरिया दिव्या मित्तल खुद फील्ड पर मौजूद है। उन्होंने सख्त हिदायत देकर निर्देश दिया है कि कहीं भी किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो जिससे कि कहीं आगजनी की घटना हो।
अप्रैल माह में तेज हवाएं और भीषण धूप में खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सबसे मुख्य बात है कि यह समय गेहूं की कटाई का और जरा सा भी चूक से पूरी फसल जल कर खाक हो जाती। DM देवरिया दिव्या मित्तल ने इस पर गंभीर रुख अपनाया है।
डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व, कृषि, अग्निशमन, विद्युत और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि अब खेतों में कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर या कृषि मशीन बिना अग्निशमन यंत्र और बालू की बाल्टी के नहीं चलेगी। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में मशीन जब्त कर ली जाएगी।
डीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिया है कि कहीं भी तार ढीला न रहे, ग्राम प्रधान भी सचेत रहें कही भी तारों में स्पार्किंग हो तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।आग की घटनाओं से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने हर थाने में पानी के टैंकर रखने का आदेश दिया है। फायर ब्रिगेड को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
DM ने कहा कि यदि किसी को पराली की जरूरत नहीं है तो पंचायत विभाग मनरेगा के तहत मजदूरों की मदद से उसे खेत से हटवाएगा, बशर्ते किसान सहमत हों।गर्मी के मौसम में तेज हवाएं आग के खतरे को बढ़ा देती हैं। डीएम ने लोगों से अपील की कि दोपहर 9 बजे से पहले दिन का और शाम 6 बजे के बाद रात का खाना बनाएं। कहीं भी लापरवाही न हो। डीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर फायर ब्रिगेड (नंबर 101) एवं प्रशासन को तत्काल सूचित करें।