अनिल कुमार सिंह को मिला देवरिया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार, वर्तमान में डायट रामपुर कारखाना के प्रभारी प्राचार्य के पद पर है।
देवरिया में बीते दिनों शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड मामले में शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा 23 फरवरी को शासन को भेजी गई संस्तुति के आधार पर की गई।
यूपी शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश में निलंबन का कारण बताया गया है। इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शिथिलता और लगभग एक वर्ष तक प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। शासन ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता और गंभीर लापरवाही माना है।
शालिनी श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकार की सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के तहत निलंबित किया गया है। नियम-7 के अंतर्गत उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान शालिनी श्रीवास्तव को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उन्हें शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि देवरिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के रिक्त पद पर नियमित तैनाती होने तक प्राचार्य, डायट (देवरिया) को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए। इसका उद्देश्य शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित होने से बचाना है।
इस प्रकरण में परिजनों की तहरीर पर थाना गुलहरिया में पहले ही नामजद मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर एक पटल सहायक को भी पूर्व में निलंबित किया गया था।
DM दिव्या मित्तल ने कहा है कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।