देवरिया में एडेड विद्यालय के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में नामित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव पिछले तीन दिनों से बिना अवकाश लिए जिला मुख्यालय से बाहर हैं। उनकी अनुपस्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
देवरिया में बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह से डाक बंगला परिसर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में दोषियों के खिलाफ यथाशीघ्र विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष समेत कई शिक्षक नेताओं ने मंत्री से कहा कि बीएसए के खिलाफ कार्रवाई में देर होने पर आपका भी नाम चर्चा में आ रहा है। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्रकरण से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। बीएसए के खिलाफ कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग को करना है।
बलिया की ही रहने वाली हैं BSA देवरिया
जानकारी के मुताबिक BSA शालिनी श्रीवास्तव भी बलिया की रहने वाली हैं, इसीलिए चर्चा है कि वे प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह की करीबी हैं। हालांकि, मंत्री ने इसे बेवजह की बात कहते हुए सिरे से खारिज किया।
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने गोरखपुर पुलिस व शासन की कार्रवाई से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है। मंगलवार को उन्होंने याचिका दाखिल की, हालांकि अभी तक सुनवाई की तिथि नियत नहीं हुई है।
इसी बीच बीएसए ने अपने बचाव में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर शासन, एसएसपी गोरखपुर, थानाध्यक्ष गुलरिहा व वादिनी गुड़िया सिंह को पक्षकार बनाया है। अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई पर टिकी हैं।