देवरिया में नकली नोट गिरोह पकड़े जाने के बाद सपा ने भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी पर आरोप लगाए हैं।
UP Politics: उत्तर प्रदेश में नकली नोट का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। देवरिया से जुड़े इस कांड में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। समाजवादी पार्टी ने इस मामले को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करते हुए देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की तस्वीरें आरोपियों के साथ शेयर की है। इससे राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सपा मीडिया सेल ने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि नकली नोट के कारोबारी भाजपाई निकले हैं। उन्होंने पूछा कि ये लोग कब गिरफ्तार होंगे और भाजपा सरकार क्या जवाब देगी? सपा ने देवरिया पुलिस को टैग करते हुए सवाल उठाया कि क्या पुलिस इन तस्वीरों के आधार पर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी से भी पूछताछ करेगी? सपा ने आगे आरोप लगाया कि 2027 के चुनाव नजदीक हैं। जनता भाजपा को हराने की तैयारी कर चुकी है। हार की डर से भाजपा वाले सपा को बदनाम करने के लिए नई-नई साजिशें रच रहे हैं। वे झूठे आरोप लगाकर सपा की छवि खराब करना चाहते हैं।
सपा का कहना है कि शलभ मणि त्रिपाठी का ट्रैक रिकॉर्ड सबके सामने है। उन्होंने सुनील बंसल के पैर पकड़कर टिकट लिया और विधायक बने। विधायक बनने के बाद एक तरफ बंसल के खास बने तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी। लोकसभा का टिकट न मिलने पर अब मंत्री बनने की कोशिश में हैं। सपा आरोप लगा रहा है कि शलभ मणि सपा को बदनाम करने के लिए प्लांटेड लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे भाजपा में अपने नंबर बढ़ाना चाहते हैं। सपा के मुताबिक शलभ मणिसिर्फ अपने स्वार्थ के सगे हैं। सपा ने कहा कि अब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और दिल्ली वाले भाजपा नेता भी उनके बारे में जान गए हैं। इसलिए यह उनका आखिरी चुनाव है। जितनी साजिशें करनी हैं, कर लें।
सपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि योगी जी सपा मुखिया अखिलेश यादव की तस्वीर दिखाकर आलोक सिपाही का नाम सपा से जोड़ रहे थे। अब क्या वे शलभ मणि त्रिपाठी के साथ की इन तस्वीरों को विधानसभा में दिखाएंगे? सपा ने कहा कि सस्ती साजिश करने वाले लोग शर्म करें।
देवरिया में नकली नोट छापने और चलाने के एक गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़ा। सपा का दावा है कि भाजपा इन युवकों को सपा से जोड़कर राजनीति कर रही है। वहीं भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सफाई दी कि जो भी उनके पास आता है, वह उसकी समस्या सुनते हैं। उन्होंने सपा पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। यह पूरा मामला अब सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर साजिश रचने का आरोप लगा रही हैं। पुलिस जांच जारी है और देखना होगा कि आगे क्या होता है।