देवरिया में नकली नोट गिरोह के मुख्य आरोपी विवेक यादव समेत छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद सियासत गरमा गई है।
UP Politics: उत्तर प्रदेश में नकली नोट का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। देवरिया से जुड़े इस कांड में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी विवेक यादव समेत छह लोगों पर नकली नोट छापने और चलाने का आरोप है। सपा ने इस मामले को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल किया और देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की तस्वीरें आरोपियों के साथ शेयर कीं। इससे राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है।
सपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दावा किया कि नकली नोट के मामले में पकड़े गए युवक भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के करीबी हैं। उनकी कई तस्वीरें उनके साथ सड़क से लेकर कार्यालय तक की बताई गईं। सपा ने देवरिया पुलिस से पूछा कि क्या इन तस्वीरों के आधार पर विधायक से भी पूछताछ की जाएगी। सपा का कहना है कि भाजपा वाले सपा को बदनाम करने के लिए इस मामले का राजनीतिक रंग दे रहे हैं।
भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सपा के आरोपों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि समाजवादी पार्टी के लोगों का चरित्र ही ऐसा है। वे अपने लोगों से अपराध कराते हैं और गुनाह करवाते हैं। जब कोई पकड़ा जाता है तो कोई न कोई पुरानी तस्वीर निकालकर खुद को बचाने की कोशिश करते हैं। शलभ मणि त्रिपाठी ने आगे कहा कि फरार चल रहा मुख्य आरोपी चीख-चीखकर कह रहा है कि वह सपा कार्यकर्ता है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि गुनाहगार चीख चीख दे रहा सफाई, हू सपाई, हूं सपाई !!
उन्होंने साफ किया कि जो भी उनके पास आता है, वह उसकी समस्या सुनते हैं और मदद करते हैं। लेकिन सपा अपराधियों को संरक्षण देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली नोट छापने वाला गिरोह सपा से जुड़ा है और सपा इसे छिपाने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में अब सपा और भाजपा आमने-सामने हैं। सपा कह रही है कि भाजपा विधायक पर कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि शलभ मणि त्रिपाठी कह रहे हैं कि सपा अपराधियों को बचाने के लिए पुरानी तस्वीरों का सहारा ले रही है। पुलिस जांच जारी है। प्रयागराज में नकली नोटों का बड़ा कारोबार पकड़ा गया था, जिसका कनेक्शन देवरिया से बताया जा रहा है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर साजिश रचने का आरोप लगा रही हैं। यह पूरा विवाद अब 2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक मुद्दा बन गया है।