Dewas- एमपी में लापरवाही पर अधिकारियों, कर्मचारियों पर सख्ती का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में देवास में कई अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सकों पर कार्रवाई की गाज गिरी। उन्हें कारण बताओ नोटिस देने से लेकर सेलरी काटने, वेतन वृद्धि रोकने और निलंबित करने तक के निर्देश जारी किए गए हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने […]
Dewas- एमपी में लापरवाही पर अधिकारियों, कर्मचारियों पर सख्ती का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में देवास में कई अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सकों पर कार्रवाई की गाज गिरी। उन्हें कारण बताओ नोटिस देने से लेकर सेलरी काटने, वेतन वृद्धि रोकने और निलंबित करने तक के निर्देश जारी किए गए हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने यह सख्त कदम उठाया। अधिकारियों, कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई से जिलेभर के प्रशासनिक हल्कों में खलबली मची है।
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सोमवार को लापरवाही पर सरकारी अमले पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिले में एएनसी कार्य 66.04 प्रतिशत पाया गया जिस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह विभाग का नियमित कार्य है, इसमें भी लापरवाही की जा रही है जोकि अक्षम्य है।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में 18 चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारियों पर कार्रवाई की। एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया। 7 के वेतन काटने व 5 की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए। जिले के 3 अधिकारी, कर्मचारी की विभागीय जांच के साथ ही 2 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। आम लोगों के स्वास्थ्य कार्य में लापरवाही पर ये कार्रवाई की गई।