
Dewas Illegal Liquor Case: मध्यप्रदेश के देवास जिले के चंदाना में 15 और 18 अक्टूबर को दो लोगों की मौत के बाद से ही अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल उठ रहे है। कांग्रेस इस घटना को लेकर सरकार पर हमलावर है तो वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को प्रशासन की ओर से बड़ा एक्शन लिया गया है। देवास जिले के कलेक्टर व एसपी का ट्रांसफर होने के कुछ देर बाद ही जिला आबकारी अधिकारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
चंदाना में हुई मौतों के बाद अवैध शराब के निर्माण व विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने, अधीनस्थ अमले की गतिविधियों पर निगरानी में लापरवाही व शिथिलता बरतने पर जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और आबकारी निरीक्षक राजश्री खन्ना को आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने निलंबित कर दिया। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया को निलंबित करते हुए आबकारी कार्यालय उज्जैन में अटैच किया गया है।
इधर चंदाना मामले की जांच को लेकर संभागायुक्त उज्जैन आशीष सिंह द्वारा गठित विशेष जांच दल मंगलवार को चंदाना पहुंचा। जांच दल के अध्यक्ष उज्जैन अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, गरोठा एएसपी रामस्नेही मिश्रा, सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा, उप आबकारी आयुक्त उज्जैन हर्षवधन राय सहित अन्य अधिकारियों ने चंदाना पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उनके बयान दर्ज किए। जांच दल ने परिजनों से शराब कहां से खरीदी, कहां उपचार कराया जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर उसे बाकायदा नोट किया व वीडियो बनाए।
पुलिस ने मामले में सोमवार को चंदाना में अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपी विनोद जायसवाल सहित उसके साथी अजय उर्फ अज्जू राठौर, रामेश्वर सोनगरा, शराब दुकान मैनेजर आरोपी नितिन सोलंकी, शिप्रा शराब दुकान मैनेजर चंद्रशेखर बैरागी, इंदौर के अरविंदो अस्पताल क्षेत्र की शराब दुकान के सेल्समैन सत्येंद्र ओझा, शिप्रा शराब दुकान के सेल्समैन राजदेव पटेल, जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा व विशाल चौहान को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से आरोपी जुगल और राजेंद्र को जेल भेज दिया गया। वहीं आरोपी विनोद सहित 8 को 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है।