Mini Super Corridor Project: मध्य प्रदेश में 45 मीटर क्षेत्र से इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र के चौड़ा और 5.2 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर यातायात व्यवस्था को नया विकल्प देगा।
Mini Super Corridor Project: मध्य प्रदेश में बहुप्रतीक्षित मिनी सुपर कॉरिडोर परियोजना अब जमीन पर तेजी से आकार लेने लगी है। शहर के पश्चिमी हिस्से में विकसित हो रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में देवास की नई पहचान बनने जा रहा है। शहर के उज्जैन रोड़ के नागूखेड़ी मुखेड़ी बीराखेडी तक बनने वाला 45 मीटर क्षेत्र से इंदौर रोड औद्योगिक क्षेत्र के चौड़ा और 5.2 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर न केवल यातायात व्यवस्था को नया विकल्प देगा, बल्कि इसके आसपास पूरी तरह एक नया शहर विकसित होगा। देवास विकास प्राधिकरण द्वारा करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही इस योजना को शहर के भविष्य के विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
मिनी सुपर कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह भविष्य में एबी रोड जैसे आधुनिक व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्र का रूप ले सके। मुख्य मार्ग के दोनों ओर लगभग 150 मीटर तक का हिस्सा कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा, जहां होटल, मॉल, शोरूम, ऑफिस और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे। इसके पीछे के हिस्सों में आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। यानी यह पूरा क्षेत्र आने वाले समय में 'नया देवास' बनकर उभरेगा।
फिलहाल बीराखेड़ी से चंदाना रोड के बीच सडक निर्माण का कार्य तेज गति से चल रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि बारिश के बाद तक मुख्य सडक का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। देविप्रा के सीईओ दलीप कुमार के अनुसार अगले दो वर्षों में पूरे क्षेत्र को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह परियोजना केवल सडक निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत आधुनिक शहरी ढांचे के अनुरूप कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्य सडक के साथ-साथ सीवरेज नेटवर्क, सेंट्रल लाइटिंग सिस्टम, ओवरहेड टैंक, आंतरिक सडकें और अलग-अलग आकार के प्लॉट विकसित किए जाएंगे। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से प्लान किया गया है।
मिनी सुपर कॉरिडोर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। प्रथम चरण में उज्जैन रोड के नागूखेडी क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण शुरू किया गया था। इस परियोजना के लिए करीब 232 हेक्टेयर भूमि लैंड पूलिंग योजना के तहत प्रस्तावित की गई थी। हालांकि मेंढकी क्षेत्र के कुछ किसानों द्वारा जमीन देने में असहमति जताने के कारण परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब बीराखेड़ी और चंदाना रोड क्षेत्र में निर्माण गतिविधियां तेज होने से प्रोजेक्ट ने फिर गति पकड़ ली है।
देविप्रा सीईओ दलीप कुमार का कहना है कि मिनी सुपर कॉरिडोर आने वाले समय में देवास के विकास की धुरी बनेगा। उनका कहना है कि मुख्य सडक निर्माण पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र में विकास कार्य शुरू होंगे और यह प्रोजेक्ट शहर की अर्थव्यवस्था, ट्रैफिक और शहरी विस्तार को नई दिशा देगा।