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देवास में दादा के पीछे-पीछे खेत जा रहा था 5 साल का सार्थक, थोड़ी देर में मची चीख-पुकार

Dog bite: पांच साल का बच्चा अपने दादा के पीछे-पीछे जा रहा था। अचानक से कुत्ते ने अटैक कर दिया । बच्चे के चेहरे पर टांके लगाए गए हैं।
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Dog bite In dewas: पांच वर्षीय मासूम पर कुत्ते का अटैक (Photo Source - Patrika)

Dog bite In dewas: पांच वर्षीय मासूम पर कुत्ते का अटैक (Photo Source - Patrika)

Dog bite In dewas:मध्यप्रदेश के देवास जिले में गांव की शांत सुबह देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गई। दादा के पीछे-पीछे खेत की ओर जा रहे पांच वर्षीय मासूम पर अचानक एक आवारा कुत्ता टूट पड़ा। कुछ ही पलों में बच्चे का मासूम चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसकी चीखें सुनकर दौड़े दादा ने किसी तरह कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक कुत्ता बच्चे को बुरी तरह नोच चुका था। बच्चे के चेहरे और पैर पर चोटें आई हैं।

घटना जिले के ग्राम सिलोटिया की है। गांव निवासी देवकरण खेत की ओर जा रहे थे। उनके पीछे-पीछे पांच वर्षीय पोता सार्थक भी चल पड़ा। रास्ते में अचानक एक आवारा कुत्ते ने बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्ते के जोरदार हमले से सार्थक जमीन पर गिर गया और कुत्ता उसके चेहरे व पैर पर लगातार हमला करता रहा।

चीखें सुन दौड़े दादा, मुश्किल से बचाई जान

मासूम की दर्दनाक चीखें सुनते ही देवकरण दौड़कर मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को भगाया। घायल हालत में तड़प रहे बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर तीन टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन हमले के निशान और दर्द अभी भी उसके साथ हैं।

लगातार बढ़ रही घटनाएं

देवास शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार तंत्र की रफ्तार अब भी सुस्त है। हालात ऐसे है कि जून के के केवल 29 दिनों में 470 लोग कुत्तों के काटने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे, जबकि मई में 539 मरीज उपचार लिए आए थे। यानी औसतन हर दिन 16 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे है। इसके बावजूद शहर 5 में आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण अब तक नहीं हो सका है। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि शहर की लगभग हर कॉलोनी, गली और प्रमुख सड़क पर आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम टहलने वालों पर मंडरा रहा है। हालात यह है कि कई लोग अब हाथ में डंडा लेकर घर से निकलने को मजबूर है

अस्पताल में बढ़ा दबाव, खत्म होने लगे एंटी-रैबीज इंजेक्शन

लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों का असर जिला अस्पताल पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मरीजों की संख्या बढने से एंटी रैबीज इंजेक्शन का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। शनिवार शाम अस्पताल में इंजेक्शन समाप्त हो गए थे। सोमवार को तत्काल व्यवस्था कर 50 डोज मंगवाए गए, तब जाकर मरीजों को राहत मिली।