
Chhattisgarh Weather Update: मानसून आते ही तपती गर्मी से राहत तो मिलती ही है, लेकिन लोगों के दिलों में प्रकृति के कुछ खास नजारों को देखने की बेताबी बढ़ जाती है। सच कहें तो मानसून में लोग पानी के अलग-अलग रूपों और हरियाली का सबसे ज्यादा इंतजार करते हैं। अच्छी बारिश हो गई तो उफनती नदी, खूबसूरत वाटरफॉल, लबालब भरे बांध, पहाड़ों पर बादलों का डेरा और खुशनुमा मौसम मन को एक अलग ही सुकून देता है।
मौसम विभाग ने धमतरी जिले के लिए अगले 24 घंटे में मध्यम से अति तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए गंगरेल समेत जिले के बांधों और नरहरा वाटरफॉल में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
धमतरी जिले में बारिश का कोटा पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी कम है। कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण बांधों में पानी की कुछ खास आवक नहीं हुई है। रविवार और सोमवार को जिलेभर में अच्छी बारिश होने से मौसम खुशनुमा रहा। मंगलवार को मौसम का मिजाज बदल गया। हल्की धूप के साथ थोड़ी नमीं रही।
बारिश के दिनों में ज्यादातर पर्यटकों की नजर जिले के जलप्रपातों पर रहती है। सबसे पहले नरहरा जलप्रपात खिलता है। बीते साल 7 जुलाई के दिन नरहरा जलप्रपात पूरे शबाब पर था। झरने को निहारने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। इस साल नरहरा जलप्रपात से फिलहाल पतली धार बह रही है। हालांकि अभी भी नरहरा में पर्यटक पहुंचने लगे हैं, लेकिन संख्या उतनी ज्यादा नहीं है। जानकारों का कहना है कि यदि 1-2 दिन कुकरेल-नगरी क्षेत्र में अच्छी बारिश हो जाए तो नरहरा जलप्रपात अपनी खूबसूरती से जल्द ही लोगों को आकर्षित करेगा।
वर्तमान में गंगरेल बांध में 18.043 टीएमसी जलभराव है। अन्य बांधों में भी पानी की कमी है। गंगरेल बांध मुख्यत: चारामा, कांकेर, केशलकाल के बरसाती पानी से लबालब होता है। इसके अलावा गंगरेल कैचमेंट एरिया से भी पानी की आवक होती है। 32.150 टीएमसी जलभराव क्षमता वाले गंगरेल बांध जुलाई-अगस्त के पानी से भरता है।
2025 में 30 जुलाई की स्थिति में गंगरेल में 23.685 टीएमसी यानी 68.73 प्रतिशत पानी भर गया था। मुरूमसिल्ली में 38.98, दुधावा में 27.97 सोंढूर में 33.78 प्रतिशत पानी भरा था। फिलहाल बांधों में पानी की आवक नहीं के बराबर है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में अच्छी बारिश की संभावना जाहिर की है। आने वाले दिनों में झड़ी के साथ तेज बारिश होती है तो जल्द ही गंगरेल सहित जिले के अन्य बांध खिल उठेंगे।
जिले में अब तक 229 मिमी औसत बारिश