
LB Teachers Case: सात शिक्षकों ने दायर की थी याचिका(photo-patrika)
LB Teachers Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पदस्थ एलबी (LB) संवर्ग के सात शिक्षकों और व्याख्याताओं को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने क्रमोन्नति वेतनमान (टाइम स्केल) का लाभ देने की मांग वाली सभी रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट फैसला दे चुकी है। ऐसे में दोबारा राहत देने का कोई आधार नहीं है। फैसले से क्रमोन्नति वेतनमान की उम्मीद लगाए शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है।
यह मामला धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड के सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों और व्याख्याताओं से जुड़ा है। सात शिक्षकों ने राज्य शासन, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने विभागीय निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से राहत की मांग की थी।
शिक्षकों ने राज्य सरकार के 10 मार्च 2017 को जारी उस परिपत्र को चुनौती दी थी, जिसके आधार पर उनके क्रमोन्नति वेतनमान के दावे को स्वीकार नहीं किया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सेवा नियमों के अनुसार वे उच्चतर वेतनमान के पात्र हैं और उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का मुद्दा पहले ही न्यायालय में तय हो चुका है। सरकार ने हाईकोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए निर्णयों में स्पष्ट किया जा चुका है कि वर्ष 2017 के परिपत्र के तहत एलबी संवर्ग के शिक्षक क्रमोन्नति वेतनमान के पात्र नहीं हैं। सरकार ने आभा नामदेव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य और पुष्पलता मानिकपुरी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामलों के फैसलों का उल्लेख किया।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद कहा कि संबंधित मुद्दे पर पहले ही न्यायिक निर्णय दिया जा चुका है। ऐसे में नई याचिकाओं में अलग से राहत देने का कोई आधार नहीं है। इसके साथ ही सातों शिक्षकों की याचिकाएं खारिज कर दी गईं। इस फैसले से क्रमोन्नति वेतनमान की मांग कर रहे एलबी संवर्ग के शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है।
Updated on:
30 Jun 2026 02:26 pm
Published on:
30 Jun 2026 02:26 pm
