
धमतरी@हेमलाल साहू। Ayushman Bharat Yojana: गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद देने वाली आयुष्मान भारत योजना तकनीकी खामियों के कारण प्रभावित हो रही है। करीब 20 दिनों से पोर्टल ठप होने और पुराने हितग्राहियों का डेटा नहीं मिल रहा। इससे संबंधित मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
पहचान सत्यापन और क्लेम की मंजूरी अटकने से कई मरीजों के परिजनों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जिले में 19 निजी अस्पतालों सहित विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थान योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। यहां पात्र मरीजों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलनी है। लेकिन तकनीकी समस्या के कारण इस सुविधा का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है।
मरीजों के परिजन तिलोचन देवांगन और देशना ठाकुर ने बताया कि वे गंभीर रूप से बीमार परिजन को लेकर बस्तर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद मेडिकल रिपोर्ट मंजूरी के लिए इंश्योरेंस कंपनी को भेजी गई, लेकिन एक सप्ताह बाद भी स्वीकृति नहीं मिली। क्लेम अटकने से नगद में इलाज कराना पड़ा।
केस-1. ग्राम गट्टासिल्ली निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उनके पिता को पैर में दिक्कत है। ऑपरेशन के लिए उन्होंने धमतरी शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी आयुष्मान पोर्टल के रिकार्ड में नाम शो नहीं होने से नगद में इलाज कराना पड़ रहा है।
केस-2. ग्राम मरकाटोला निवासी कौशिल्या बाई ने बताया कि वे अपने पुत्र को इलाज के लिए धमतरी के बस्तर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। आयुष्मान पोर्टल बंद होने से योजना का लाभ नहीं मिला, इसलिए नगद में इलाज कराना पड़ रहा है।
धमतरी जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 555 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें से 8 लाख 8 हजार 908 लोगों का आयुष्मान कार्ड बना है। यह कुल लक्ष्य का 94.99 फीसदी है। अभी भी 42647 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है, लेकिन पोर्टल में तकनीकी दिक्कत के चलते आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य पर भी ब्रेक लग गया है। आयुष्मान कार्ड नहीं बनने से लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें नगदी में इलाज करना पड़ रहा है।
पत्रिका ने इस खामी की पड़ताल की तो नए डेटा में एपीआई के माध्यम से अलग मेंबर आईडी जनरेट होने के कारण पुराने आयुष्मान कार्डधारियों की पहचान में समस्या आ रही है। आधार कार्ड या राशन कार्ड नंबर से आयुष्मान आईडी खोजने पर पोर्टल पर ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ दिखाई दे रहा है। इससे मरीजों का सत्यापन और इलाज की मंजूरी प्रभावित हो रही है। करीब 20 दिनों से जारी समस्या ने योजना के क्रियान्वयन और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों के सामने पोर्टल बहाल करने के साथ पुराने हितग्राहियों का डेटा उपलब्ध कराने की चुनौती है। तकनीकी खामी का खामियाजा पात्र मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
डॉ एके टोंडर, सीएमएचओ धमतरी के मुताबिक, आयुष्मान पोर्टल में सर्वर डाउन का इशु आ रहा है। इसके लिए उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा, जिससे लोगों को योजना का समुचित लाभ मिल सके।