Sports Judge: भोजेन्द्र साहू ने कहा कि उनका लक्ष्य अब ओलंपिक और कॉमन वेल्थ गेम्स में जज की भूमिका निभाने का है। साथ ही आने वाले समय में भारत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोच और जज निकालने की तैयारी है।
Sports Judge: छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र और योग साधक भोजेन्द्र कुमार साहू ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धमतरी जिला सहित प्रदेश का मान बढ़ाया है। धमतरी जिले के एक छोट से गांव खरतुली के रहने वाले भोजेन्द्र साहू का चयन प्रथम वल्र्ड योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में बतौर निर्णायक (जज) के रूप मेंं हुआ है। गुजरात के अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक होने वाले इसे ऐतिहासिक चैम्पियनशिप में विश्व के 61 से अधिक देशों के खिलाड़ी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। इस वैश्विक प्रतियोगिता के लिए दुनियाभर से महज 70 जजों का चयन हुआ है। भारत से 20 जजों का चयन हुआ है इनमें धमतरी के भोजेन्द्र साहू भी शामिल हैं।
भोजेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष व धमतरी जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। खेल के साथ-साथ वे सामाजिक रूप से भी सक्रिय हैं। परिक्षेत्र साहू समाज खरतुली में कोषाध्यक्ष के रूप में सेवा दे रहे हैं।
भोजेन्द्र साहू ने बताया कि योगासन सीखने के दौरान उनकी मुलाकात योग गुरू जयंत भारती से हुई। उनके द्वारा योगासन की शिक्षा मिलने के बाद योगासन के प्रति रूचि बढ़ी। उनके प्रेरणा से वे आगे बढ़े। पश्चात अपने जीजा योग शिक्षक भानुप्रताप साहू के संपर्क में आने के बाद सेे योगासन के क्षेत्र में आगे बढऩे की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा।
भोजेन्द्र साहू इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में जज की भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने खेलो इंडिया, इंडियन ओलंपिक, एशियन चैम्पियनशिप और अस्मिता खेलो इंडिया वूमेन्स लीग जैसी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। योगासन के तकनीकी ज्ञान और निष्पक्ष निर्णय क्षमता के कारण उन्हें लगातार बड़े मंचों पर अवसर मिल रहे हैं।
पत्रिका से चर्चा में भोजेन्द्र साहू ने कहा कि उनका लक्ष्य अब ओलंपिक और कॉमन वेल्थ गेम्स में जज की भूमिका निभाने का है। साथ ही आने वाले समय में भारत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोच और जज निकालने की तैयारी है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल में भारत को ज्यादा से ज्यादा मेडल दिलाने का लक्ष्य है। इससे पहले वे खेलों इंडिया, इंडियन ओलंपिक, एशियन चैम्पियनशिप, अस्मिता खेलों इंडिया वूमेन्स लीग जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जज की भूमिका निभा चुके हैं।