धमतरी

Chhattisgarh News: करोड़ों के घोटाले पर सन्नाटा क्यों? 8 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, धमतरी-नगरी हाईवे पर चक्काजाम

Dhamtari News: जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बावजूद 8 महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ लोगों ने धमतरी-नगरी स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन से यातायात प्रभावित रहा...

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May 06, 2026
धमतरी-नगरी स्टेट हाइवे में चक्काजाम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: धमतरी के समीपस्थ ग्राम अछोटा में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। पूर्व सरपंच के कार्यकाल में हुए करोड़ों के वित्तीय अनियमितताओं और 'रीपा' निर्माण में धांधली के खिलाफ ग्रामीणों ने अछोटा चौक में जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक धमतरी-नगरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बस को भी आगे बढ़ने नहीं दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे ग्राम विकास समिति के सचिव योगेश्वर देवांगन, अध्यक्ष खिलेश सेन ने मौके पर पहुंचे एसडीएम पीयूष तिवारी और नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

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योगेश्वर देवांगन ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जांच हुई। जांच में पुष्टि होने के 8 महीने बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होना अधिकारी और रसूखदारों की मिलीभगत का प्रमाण है। एसडीएम पीयूष तिवारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल छापेमारी होगी। सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने भी अर्जुनी पुलिस की ओर से लंबित मामलों में त्वरित जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद 3 घंटे से जारी प्रदर्शन शांत हुआ।

रीपा और आवास योजना में 'बड़े खेल' का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में हुए विकास कार्यों में जमकर बंदरबांट हुआ है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय आवास योजना के नाम पर लेन-देन कर जमीन बेचने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही करोड़ों की लागत से बने रीपा सेंटर में घटिया निर्माण, वित्तीय हेराफेरी और गांव के प्रतिबंधित क्षेत्रों से धड़ल्ले से रेत और मुरूम की चोरी का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उक्त मांगों पर तत्काल एक्शन नहीं लिया गया, तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

फाइल दबाने वाले का नाम उजागर करें

चक्काजाम पर बैठे ग्रामीणों को समझाने जब एसडीएम, नायब तहसीलदार पहुंचे तो ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर सांठगांठ का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने सवाल किया कि हमें उस नेता का नाम बताए, जो भ्रष्टाचार की फाइलें दबवा रहा है? अधिकारी हर बार राजनीति दबाव का अलाप रागते हैं। हमें ऐसे नेता का नाम बताए, ताकि हम उसी से मिलकर कार्रवाई कराने की मांग करें।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अब कार्रवाई में देर की गई तो वे मुख्यमंत्री निवास घेरने विवश होंगे। प्रदर्शन के दौरान गोदावरी बाई, मंगला बाई, सीमा निषाद, मानबाई, योगेश्वर देवांगन, कमल देवांगन समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से भी भारी बल तैनात किया गया था, ताकि स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।

ग्रामीणों की 6 सूत्रीय मांगे

लिखित ज्ञापन में प्रमाणित जांच प्रतिवेदन एवं कलेक्टर व न्यायालयीन आदेश के अनुसार पूर्व सरपंच, पूर्व उपसरपंच के विरूद्ध एफआईआर कर त्वरित कार्रवाई करने, पूर्व ग्राम पंचायत सचिव राजेश्वरी भीमगज को सचिव पद से बर्खास्त करने, संपूर्ण शिकायत पर जांच कर त्वरित कार्रवाई करने, ग्राम अछोटा में रीपा निर्माण की जांच उच्च अधिकारी-विकास आयुक्त, ईओडब्ल्यू द्वारा कराने, अछोटा में पूर्णता बंद रेत खदान से हो रही अवैध रेत चोरी को बंद कर रेत चोरी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा आरटीओ रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांगें शामिल है।

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Published on:
06 May 2026 06:00 pm
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