धमतरी

2.50 लाख गैस उपभोक्ता अलर्ट! इस जिले में 30% ने नहीं कराई ई-केवायसी, कनेक्शन हो सकते हैं ब्लॉक

LPG Connection: एलपीजी घरेलू गैस कनेक्शन में दुर्घटनाओं को रोकने और फर्जी कनेक्शनों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पेट्रोलियम कंपनियों ने सेफ्टी जांच और ई-केवायसी (ई-केवाईसी) अनिवार्य कर दिया है।

2 min read
Feb 15, 2026
गैस कनेक्शन (photo-patrika)

LPG Connection E-KYC: एलपीजी घरेलू गैस कनेक्शन में दुर्घटनाओं को रोकने और फर्जी कनेक्शनों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पेट्रोलियम कंपनियों ने सेफ्टी जांच और ई-केवायसी (ई-केवाईसी) अनिवार्य कर दिया है। धमतरी जिले में गैस उपभोक्ताओं को इसके प्रति जागरूक करने के लिए 14 गैस एजेंसियां लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही हैं।

खाद्य विभाग के अनुसार, धमतरी जिले में लगभग 2.50 लाख गैस कनेक्शन उपभोक्ता हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के फेज-1 और फेज-2 को मिलाकर करीब 1,28,643 उपभोक्ता शामिल हैं। बावजूद इसके, अब तक केवल 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवायसी अपडेट कराई है और सेफ्टी जांच कराई है। गैस एजेंसियों के अनुसार, ई-केवायसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को अब सिलेंडर रिफिल कराने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने फर्जी कनेक्शनों को लॉक करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर को दी बड़ी सौगात, 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा, 2 हजार से ज्यादा महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन

सिलेंडर रिफिल के लिए ओटीपी जरूरी

पूर्व में गैस सिलेंडर रिफिल कराने के लिए कॉल करने पर आसानी से बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब हर बुकिंग का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाता है, जिसे डिलीवरी ब्वॉय को शेयर करना अनिवार्य है। यही वेरिफिकेशन प्रक्रिया है। इस कारण मोबाइल नंबर का रजिस्टर्ड होना भी जरूरी हो गया है।

गैस एजेंसी संचालक मोहन अग्रवाल ने बताया कि उज्ज्वला गैस और सामान्य गैस कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं में से केवल 70 प्रतिशत ने ई-केवायसी कराई है, जबकि सेफ्टी जांच केवल 12 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कराई है। उन्होंने बताया कि सेफ्टी जांच का उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

अक्सर कटे-फटे पाइप या अन्य तकनीकी खामियों के कारण गैस लीक होने का खतरा रहता है, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की संभावना रहती है। फरवरी महीने के बाद ऐसे कनेक्शन पूरी तरह से ब्लॉक हो सकते है। अंतिम मौके देने के लिए लाउड स्पीकर के माध्यम से प्रचार कर उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

Published on:
15 Feb 2026 07:21 pm
Also Read
View All

अगली खबर