
School News: धमतरी जिले में स्वीकृत पदों के मुकाबले 7 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके चलते हजारों छात्रों का भविष्य अधर में अटका हुआ है। वर्ष 2014-15 में महज 4 स्कूलों से शुरू हुई इस योजना का विस्तार वर्तमान में धमतरी ब्लॉक के 10, कुरुद के 7, मगरलोड के 6 और नगरी के 6 स्कूलों तक किया जा चुका है। जिले में आईटी, हेल्थ केयर, रिटेल, ब्यूटी वेलनेस और ऑटोमोटिव जैसे 11 ट्रेड संचालित हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 5,075 विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में नामांकित थे। हालांकि नए सत्र 2026-27 के यू-डाइस आंकड़े अपडेट न होने से इस वर्ष का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आ पाया है।
वर्तमान में जिले के 11 ट्रेडों के लिए 59 प्रशिक्षक ही कार्यरत हैं। खाली पड़े 7 पदों में सबसे बुरी स्थिति 'टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी' सेक्टर की है, जहां 4 पद रिक्त हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, आईटी-आईटीईएस और रिटेल ट्रेड में भी 1-1 प्रशिक्षक का पद लंबे समय से खाली पड़ा है।
व्यावसायिक शिक्षा का मुख्य ध्येय किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। विशेषज्ञ ट्रेनर न होने के कारण कई स्कूलों की प्रयोगशालाएं धूल फांक रही हैं। रिक्त पदों की भरपाई के लिए स्कूल प्रबंधन गैर-विषय शिक्षकों से थ्योरी पढ़वा रहा है या फिर स्थानीय युवाओं के सहारे 'जुगाड़ की पढ़ाई' कराई जा रही है। ऐसे में बिना एक्सपर्ट के छात्र प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से पूरी तरह वंचित हो रहे हैं।
जिला परियोजना अधिकारी खेमेंद्र कुमार साहू ने कहा जिला परियोजना अधिकारी, धमतरी व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापन राज्य कार्यालय स्तर से किया जाता है। जिले में खाली पदों की अद्यतन जानकारी समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है।