
School Book Distribution: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले पाठ्यपुस्तक वितरण अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी विद्यार्थियों को समय पर किताबें मिलें और पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के सभी शिक्षा केंद्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि छात्रों को नए सत्र में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धमतरी जिले में कुल 168 संकुल केंद्र हैं। इनमें से अब तक 123 संकुल केंद्रों तक पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति पहुंच चुकी है। वहीं शेष 45 संकुल केंद्रों में भी 30 जून तक किताबें पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि समय पर किताब वितरण होने से विद्यार्थियों को नए सत्र की पढ़ाई में आसानी होगी।
इस शिक्षा सत्र में कक्षा 4 और 7 के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। नई पाठ्यपुस्तकों के साथ शिक्षकों को भी बदले हुए पाठ्यक्रम की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से पढ़ाई उपलब्ध कराना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
जिन स्कूलों में अब तक नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक अध्ययन सामग्री और अभ्यास पुस्तिकाओं की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि किताबें पहुंचने तक शिक्षक इन माध्यमों से नियमित कक्षाएं संचालित करें, ताकि नए शिक्षा सत्र में छात्रों की पढ़ाई की गति बनी रहे।
जिले में पीएम श्री और स्वामी आत्मानंद स्कूलों की कुछ पुस्तकें प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर उनका वितरण किया जाएगा। इसके अलावा गैर अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा।
प्रशासन ने निजी विद्यालयों के लिए 5 से 9 जुलाई के बीच विकासखंडवार पुस्तक वितरण की योजना बनाई है। पूरी प्रक्रिया को 10 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर विद्यार्थी तक समय पर पाठ्यपुस्तक पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, ताकि नया शिक्षा सत्र सुचारु और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित हो सके।