
धमतरी ट्रीपल मर्डर के पांच आरोपियों पर जूते फेंकते पीड़ित परिवार ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh Triple Murder: धमतरी के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबे के पास मामूली विवाद में तीन युवकों की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने घटना के ठीक एक साल के भीतर पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश धमतरी ने 12 अगस्त को फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया है।
दोषसिद्ध आरोपियों में गोपी दीवान (20) निवासी मथुराडीह, कुलेश्वर नेताम (25) निवासी कोर्रा, रणवीर कुमार साहू (20) निवासी ईर्रा, कमलेश ध्रुव (19) निवासी आमापारा धमतरी और गौतम दीवान (22) निवासी मथुराडीह शामिल हैं। तीन विधि से संघर्षरत बालकों के मामलों में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार कार्रवाई की गई। न्यायालय ने मुख्य आरोपी गोपी दीवान को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 सहपठित धारा 190 के तहत आजीवन कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
इसके अलावा अन्य धाराओं में भी पृथक कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इधर फैसला आते ही जैसे ही पुलिस आरोपियों को जेल दाखिल करने ले जा रही थी, तभी पीडि़तों के परिजनों ने अपशब्द कहते हुए चप्पल भी बरसाए। जैसे-तैसे पुलिस ने आरोपियों को गाड़ी में बिठाया और जेल ले गए।
11 अगस्त 2025 की रात करीब 11.20 बजे भोयना के अन्नपूर्णा ढाबे के पास आरोपियों और मृतकों के बीच मामूली विवाद को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। विवाद बढऩे पर मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने धारदार चाकू से संतोषी नगर रायपुर निवसी आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी और सुरेश हियाल पर प्राणघातक वार कर दिया। गंभीर चोट के कारण तीनों युवकों की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पांच वयस्क और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे।
घटना की सूचना मिलते ही अर्जुनी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और हथियार सहित अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित किया। इन साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी और पुलिस की साक्ष्य आधारित विवेचना के बाद अदालत ने पांचों वयस्क आरोपियों को दोषी माना।
मामले की त्वरित विवेचना, आरोपियों की गिरफ्तारी और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने में तत्कालीन अर्जुनी थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू और उनकी टीम की भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए निरीक्षक चंद्रकांत साहू और टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
Updated on:
13 Aug 2026 11:31 am
Published on:
13 Aug 2026 11:07 am
