
Gangrel Dam Water Level: मानसून की मेहरबानी से छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) अपनी पूरी रंगत में आ चुका है। वर्तमान में बांध में 32.150 टीएमसी की कुल क्षमता के मुकाबले लगभग 29 टीएमसी (88 प्रतिशत) पानी भर चुका है। जलाशय का जलस्तर 347.74 मीटर तक पहुंच गया है और अब इसे पूर्ण भराव तक पहुंचने के लिए महज 0.96 मीटर यानी करीब 3 टीएमसी पानी की और आवश्यकता है।
कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश से बांध में 862 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है, जबकि 400 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। चारों ओर फैली हरियाली और विशाल जलराशि ने इस क्षेत्र को प्राकृतिक खूबसूरती से सराबोर कर दिया है। सप्ताहांत पर धमतरी ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध माता अंगारमोती के दर्शन किए और फिर बांध की जलराशि का आनंद लिया।
पर्यटक बांध के आसपास के व्यू प्वाइंट से जलभराव और हरी-भरी पहाडिय़ों का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। सतना, मध्यप्रदेश से पहुंचे अनिल तिवारी, सुयश अग्रवाल, कीर्तिलेखा साहू और ज्योति मिश्रा ने बताया कि उन्होंने गंगरेल के एडवेंचर और वाटर स्पोर्ट्स के बारे में काफी सुना था। इसी कारण वे माता अंगारमोती के दर्शन के साथ गंगरेल की प्राकृतिक खूबसूरती देखने पहुंचे। वहीं अंकिता साहू, रूपाली पदमवारने बताया कि बारिश के मौसम में यह उनका तीसरा गंगरेल दौरा है। परिवार के साथ बच्चों ने किड्स बैटल बोर्ड का आनंद लिया।
गंगरेल बांध का अनुभव पर्यटकों के लिए किसी 'मिनी गोवा' से कम साबित नहीं हो रहा है। यहां पहुंचे युवा और परिवार वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों का जमकर आनंद ले रहे हैं।
वाटर स्पोर्ट्स: सैलानियों के बीच पैरासेलिंग, फ्लाईबोर्ड, ऑक्टेन, जॉर्बिंग बॉल, बनाना राइड, कयाक, पीडब्ल्यूसी बाइक और 100 सीटर शिप की जबरदस्त मांग बनी हुई है।
एडवेंचर कैंप: एचवेंडर कैंप में वाल क्लाइंबिंग, कमांडो नेट, रैपलिंग और जिपलाइन जैसी साहसिक गतिविधियों ने युवाओं को आकर्षित किया।
बच्चों के लिए विशेष आकर्षण: बच्चों के लिए किड्स बैटल बोर्ड, नवग्रह गार्डन, झूले और पैडल बोर्ड जैसी मनोरंजन सुविधाएं पर्यटकों का दिल जीत रही हैं।
गंगरेल पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बांध की खूबसूरती के साथ वाटर स्पोर्ट्स बड़ा आकर्षण बना हुआ है। महेश तिवारी और आशुतोष साहू ने पैरासेलिंग, फ्लाईबोर्ड, ऑक्टेन और जॉर्बिंग बॉल जैसी गतिविधियों का आनंद लिया। उनका कहना था कि वाटर स्पोट्र्स के कारण गंगरेल का अनुभव किसी मिनी गोवा से कम नहीं लगता। मोटर बोट के साथ पीडब्ल्यूसी बाइक, बनाना राइड, सौ सीटर शिप, कयाक और पैडल बोट में भी पर्यटकों ने रुचि दिखाई। पानी में बढ़ते एडवेंचर के कारण युवा वर्ग की मौजूदगी खास तौर पर दिखाई दी।