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Monsoon havoc in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर, धमतरी में पुल टूटकर बहा, गंगरेल बांध का दिखा रौद्र रूप

Chhattisgarh Heavy Rain: भारी बारिश से धमतरी में बड़ा हादसा हुआ। गंगरेल बांध के उफान के बीच पुल टूटकर बह गया, जिससे उड़ीसा-केशकाल का संपर्क टूट गया। जानें जलस्तर, प्रशासन के अलर्ट और ताजा स्थिति।
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धमतरी

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Love Sonkar

Jul 30, 2026

Chhattisgarh Heavy Rain

गंगरेल बांध लबालब मगरलोड में पुल टूटकर बहा (Photo Patrika)

Heavy Rain Chhattisgarh: बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत चक्रवातीय तंत्र (सिस्टम) के प्रभाव से धमतरी जिले में बीते 36 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के नगरी, मगरलोड, कुरुद और धमतरी ब्लॉक में नदियां और नाले उफान पर हैं। इस प्राकृतिक प्रकोप के बीच प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बारिश का सबसे भारी असर ग्रामीण परिवहन नेटवर्क पर पड़ा है।

वैकल्पिक पुल टुटा

मगरलोड के सोनारिन दैहान और पठार को जोडऩे वाला वैकल्पिक पुल बह गया, जिससे पठार क्षेत्र का मगरलोड से सीधा संपर्क कट गया है। कुकरेल स्थित बांसपासरा और मेघा पुल के एप्रोच मार्ग पर 4 फीट पानी बहने से आवागमन ठप है। नगरी ब्लॉक में सिहावा महानदी पर बने पुल (उड़ीसा- केशकाल को जोडऩे वाला पुल) का रेलिंग टूट गया। पुल से 3 फिट ऊपर पानी बह रहा है। 30 से अधिक गांव मुख्यालय से कट गए हैं।

स्कूलों में अवकाश गंगरेल बांध लबालब

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने नर्सरी से तीसरी तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी, जबकि उच्च कक्षाओं को दोपहर 1 बजे ही बंद कर दिया गया। उधर, गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश से बांध में 30,150 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। जिले के सभी चारों बांधों में कुल जल संग्रहण 34 टीएमसी पहुँच गया है। जलस्तर संतुलित करने के लिए सोंढूर से 1,000 और दुधावा बांध से 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

निचली बस्तियों में आफत स्टेशनपारा बेहाल

शहर के देवश्री टॉकीज रोड, बनियापारा और साल्हेवापारा सहित दर्जनों बस्तियां जलमग्न हैं। बड़ी रेल लाइन निर्माण के कारण स्टेशनपारा और रामपुर के डबरी पारा में भारी जलभराव हुआ, जहाँ से नगर निगम को 5 एचपी मोटर पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। हालात इतने गंभीर रहे कि वीरेंद्र साहू, हेमीन बाई यादव और चुनुलाल साहू जैसे कई नागरिकों के घरों में पानी घुस गया, जिसे बर्तनों से खाली करना पड़ा।

मूसलाधार बारिश से कुरूद-मेघा संपर्क टूटा

कुरूद क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सडक़ों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी कुरूद-मेघा मार्ग पर सामने आई, जहां एनीकट के ऊपर 2 से 3 फीट पानी बहने से दोनों क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। स्थिति गंभीर होने के बावजूद कई बाइक सवार बहते पानी के बीच एनीकट पार करते नजर आए। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न पुल-पुलियों और एनीकट को पार नहीं करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

स्कूल परिसरों में पानी भरा

बारिश का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। कई स्कूल परिसरों में पानी भर जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में रोपाई और बियासी का कार्य तेज हो गया है, जबकि दलहन-तिलहन की बुआई भी लगभग पूरी हो चुकी है। प्रशासन ने किसानों से मौसम को देखते हुए वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप कृषि कार्य करने की अपील की है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार 29 जुलाई को जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

कहा कितनी बारिश

धमतरी में 92.2 मिमी, कुरूद में 85.8 मिमी, मगरलोड में 100.8 मिमी, नगरी में 96.6 मिमी, भखारा में 55 मिमी, कुकरेल में 105 मिमी तथा बेलरगांव में 100 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। 1 जून से 29 जुलाई तक की संचयी वर्षा में भखारा तहसील सबसे आगे रही, जहां 633.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कुकरेल में 608 मिमी, मगरलोड में 603.1 मिमी, धमतरी में 594.5 मिमी, बेलरगांव में 544.6 मिमी, कुरूद में 534.9 मिमी और नगरी में 393.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।