धमतरी

Dhamtari Rail Project: रायपुर-धमतरी रेललाइन पर मेमू ट्रेन दौडऩे की उम्मीद समाप्त, 4 महीने और करना पड़ेगा इंतजार

Railway Project: रायपुर-धमतरी रेललाइन पर मेमू ट्रेन शुरू होने की उम्मीद फिर टली। अंतिम चरण के काम में देरी के कारण यात्रियों को अब करीब 4 महीने और इंतजार करना पड़ेगा।
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Aug 04, 2026
Dhamtari Rail Project
रायपुर-धमतरी रेललाइन पर काम अधूरा (Photo AI Image)

Raipur-Dhamtari Rail Line: धमतरी जिले के लाखों लोगों का चार दशक पुराना सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। 15 अगस्त तक रायपुर-धमतरी ब्रॉडगेज रेललाइन पर मेमू ट्रेन दौडऩे की उम्मीद अब लगभग समाप्त हो गई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) की 543.93 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी परियोजना अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद कई तकनीकी कार्य अधूरे हैं। ऐसे में अब कम से कम चार महीने और इंतजार तय माना जा रहा है। यदि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के ट्रायल में तकनीकी खामियां सामने आईं तो यह अवधि छह महीने तक भी बढ़ सकती है।

सिग्नलिंग और प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्य अधूरे

रेलवे ने स्टेशन भवन, पुल-पुलियों और अधिकांश ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन अंतिम कनेक्टिविटी, सिग्नलिंग और प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद ही सुरक्षा परीक्षण होगा। इसके बाद ही यात्री ट्रेनों को हरी झंडी मिल सकेगी। धमतरी स्टेशन को आधुनिक टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है, लेकिन परियोजना का सबसे अहम हिस्सा अभी अधूरा है। करीब एक किलोमीटर ट्रैक बिछाने, 15 किलोमीटर सिग्नल व संचार केबलिंग, प्लेटफॉर्म की फ्लोरिंग, शेड निर्माण, गिट्टी भराई और ट्रैक लेवलिंग का काम अभी जारी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

धमतरी को मिलेगा हाईटेक टर्मिनल स्टेशन

नई ब्रॉडगेज लाइन के साथ धमतरी को आधुनिक रेलवे टर्मिनल की सौगात भी मिलेगी। यहां 18 कमरों और दो बड़े हॉल वाला स्टेशन भवन तैयार हो चुका है। माल परिवहन के लिए 100 मीटर लंबी फ्यूल साइडिंग, दो ओवरलाइन, हॉट एक्सल ट्रैक, व्हील लूप, पानी की टंकी, माल बुकिंग कार्यालय और कर्मचारियों के आवास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

टेंडर, अतिक्रमण और कोरोना ने बिगाड़ा पूरा गणित

6 अक्टूबर 2018 को शुरू हुई इस परियोजना की रफ्तार शुरुआत से ही बाधाओं में उलझी रही। पहले टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई, फिर भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण विवाद सामने आए। इसके बाद कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने निर्माण कार्य को लगभग ठप कर दिया। इन सबके बावजूद रेलवे 67.20 किलोमीटर रेलमार्ग पर 125 छोटे और पांच बड़े पुलों का निर्माण पूरा कर चुका है। अभनपुर और राजिम तक मेमू ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जबकि कुरूद स्टेशन का ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

सीआरएस की मंजूरी के बिना नहीं चलेगी ट्रेन

परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूरी रेललाइन का तकनीकी निरीक्षण करेंगे। ट्रैक, सिग्नलिंग, पुलों और स्टेशन की सुरक्षा जांच में सब कुछ संतोषजनक मिलने पर ही मेमू ट्रेन संचालन की अनुमति मिलेगी। यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी कमी मिली तो पहले उसे दूर किया जाएगा, जिससे परिचालन में अतिरिक्त देरी तय है।

Updated on:
04 Aug 2026 03:42 pm
Published on:
04 Aug 2026 03:41 pm