
Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 जून तय है, लेकिन धमतरी जिले में अब भी करीब 3 हजार हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो सका है। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आगामी किश्त प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग महिलाओं को हो रही है।
जानकारी के अनुसार, 242 बुजुर्ग महिलाओं के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक सिस्टम से मैच नहीं हो रहे हैं, जिससे उनका ई-केवाईसी लंबित है। इसके अलावा करीब 4 हजार मामलों में नाम, उपनाम अथवा अन्य दस्तावेजों में त्रुटियां होने के कारण आधार और पोर्टल का रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और आधार केंद्रों में इन दिनों हितग्राहियों की भीड़ लगी हुई है। कई महिलाएं पिछले कई दिनों से दस्तावेज सुधार और ई-केवाईसी के लिए चक्कर लगा रही हैं।
महिला तारिणी निषाद तथा प्रेम बाई और शांति बाई जैसी हितग्राहियों के आवेदन अब भी लंबित हैं। महिलाओं ने बताया कि आधार में त्रुटि सुधार के लिए 20 दिन पहले आवेदन किया था। पहला आवेदन रिजेक्ट हो गया। दूसरी बार आवेदन करने पर अब तक अप्रुवल नहीं मिल पाया है। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। जिले में योजना के तहत 2,27,183 महिलाएं पंजीकृत हैं। इनमें 2,24,183 का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि शेष हितग्राहियों के सत्यापन का कार्य जारी है। विभाग के अनुसार मार्च 2024 से अब तक 3,839 मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।
30 जून तक जिले के 2.27 लाख महिला हितग्राहियों को ई-केवायसी अपडेट कराना है। महिलाएं किसी भी च्वाइस सेंटर से यह प्रक्रिया आसानी से पूरा करा सकती हैं। जिन बुजुर्ग महिलाओं का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में रिपोर्ट राज्य कार्यालय भेजी गई है। जैसा निर्देश मिलेगा आदेश का पालन किया जाएगा। जगरानी एक्का, अधिकारी महिला एवं बाल विकास
ई-केवाईसी के काम में कई व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कई ऐसी बुजुर्ग महिलाएं हैं, जिनकी उम्र के कारण उनके अंगूठे का निशान च्वाइस सेंटरों की मशीनों में मैच नहीं हो रहा है। इसके अलावा एक बड़ी आबादी ऐसी है जिनके आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग मिसमैच है। इस तकनीकी पेंच के कारण च्वाइस सेंटरों और आंगनबाडिय़ों के चक्कर काट रहीं बुजुर्ग महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।