अब तक हमारे समाज में ना जाने कितने घरों को इसने बर्बाद कर दिया है। एक बार फिर दहेज़ की आग में एक महिला की बलि चढ़ गयी। घटना मगरलोड थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
धमतरी. इंसान जब लालच की गहरी खाई में गौते लगाता है, तो वह इंसानियत को रौंदते हुए शैतान की भाषा बोलने लगता है। ‘दहेज प्रथा’ इसी का एक अप्रितम उदाहरण है। दहेज प्रथा का इतिहास तो काफी पुराना है मगर मौजूदा वक्त में यह एक खतरनानक बिमारी का रूप ले चुकी है।
अब तक हमारे समाज में ना जाने कितने घरों को इसने बर्बाद कर दिया है। एक बार फिर दहेज़ की आग में एक महिला की बलि चढ़ गयी। घटना मगरलोड थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जहां दहेज़ में स्कूटी नहीं मिलने के कारण पति ने पत्नी को इतना प्रताड़ित किया कि उसने जहर पी कर अपनी जान दे दी।
जानकारी में अनुसार उमा भारती साहू (उम्र- 20) की सात महीने पहले ओमप्रकाश नाम के एक व्यक्ति के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही उसका पति और सास उसे दहेज़ में स्कूटी नहीं लाने के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब प्रताड़ना बर्दास्त से बाहर हो गया तो पत्नी ने जहर पी कर जान दे दी।
पीड़िता की मां ने सास और पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।