Chhattisgarh News: प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं। इससे आमजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर पुलिया नहीं होने के कारण लोग जान-जोखिम में डालकर नाला पार करने के लिए मजबूर हैं।
Dhamtari News: आजादी के 76 साल बाद भी विकास से परसाबुड़ा कोसो दूर है। मगरलोड़ ब्लाक के परसाबुड़ा से ग्राम जलकुम्भी मार्ग के बीच नाला बारिश में उफन जाता है।आवागमन अवरूद्ध होने से लोगों को भारी परेशानी होती है।
सबसे बड़ी संख्या समस्या शिक्षकों को स्कूल पहुंचने में होती है। माध्यमिक शाला हतबंद के शिक्षक खिलेंद्र सिन्हा, मनोहर सिंह कंवर, प्राथमिक शाला के शिक्षक जितेंद्र कुमार कुरील और कोमल साहू अपना दायित्व निभाने पांच फीट नाला पार कर बच्चों को पढ़ाने स्कूल जा रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि हर साल तेज बारिश में ऐसी ही स्थिति बन जाती है। नाला में पांच फीट तक पानी बहने से आवागमन रूक जाता है। बड़ी मुश्किल से नाला पार कर स्कूल पहुंचते है।
परसाबुड़ा से जलकुम्भी के बीच आज तक पक्की सड़क निर्माण नहीं हुआ। कच्चे रास्ते से लोगों को आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि परसाबुड़ा से जलकुम्भी के बीच 7 किमी तक सड़क बना दिया जाएं तो बड़ी राहत मिलेगी। कच्चे मार्ग में कीचड़, दलदल से भारी परेशानी होती है। कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके। पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जलकुम्भी, हतबंद और परसाबुड़ा कमारपारा के ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मंत्रियों एवं कलेक्टर तक पक्का सड़क का मांग पिछले 15 सालो से कर रहे है, लेकिन आज तक सड़क निर्माण नहीं हुआ। नाला के ऊपर पुल तक नहीं बनाया गया।