धमतरी

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में रात में आवागमन बंद, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

Tiger Reserve Night Movement Ban: छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में अब रात के समय वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू किया गया है।
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Jun 24, 2026
Wildlife Corridor Protection
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@राकेश टेंभुरकर। Chhattisgarh Tiger Reserve: टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में अब रात के समय किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए ) द्वारा सख्ती से इसका पालन करने के लिए सभी टाइगर रिजर्व को कहा गया है। वाहनों के आवागमन के कारण वन्य जीवों को विचरण में परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) द्वारा जनहित याचिका लगाई गई थी।

बता दें कि यूएसटीआर का कोर इलाका अभनपुर से ओडिशा के बलदियामाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग (130 सीडी) और NH-130C और धमतरी जिले के कुरुद से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक जाता है। उक्त मार्ग पर बड़ी संख्या में वन्य जीव विचरण करते हैं। यहां सड़कों पर रात्रिकालीन यातायात के कारण जंगल की छत्राकार वृक्ष संरचना खंडित होती है, जिससे वृक्षों की ऊपरी परत पर निर्भर रहने वाली दुर्लभ गिलहरियों की प्राकृतिक आवाजाही प्रभावित हो रही थी।

संवेदनशील इलाका

यूएसटीआर में पाए जाने वाली भारतीय विशाल उड़न गिलहरी तथा भारतीय विशाल गिलहरी जैसी दुर्लभ प्रजातियां अपना अधिकांश जीवन वृक्षों की ऊपरी परतों में बिताते हैं। साथ ही वृक्ष से दूसरे वृक्ष तक छलांग अथवा ग्लाइड करके ही संचरण करती हैं। रात्रिकालीन यातायात बंद होने के पश्चात इन दुर्लभ वृक्षवासी प्रजातियों का विस्तार अब उदंती एवं सीतानदी कोर क्षेत्रों से आगे बढ़कर रिसगांव (कोर), इंदागांव (बफर), आरसीकन्हार (बफर) तथा कुल्हाड़ीघाट (बफर) क्षेत्रों तक दर्ज किया जा रहा है।

बाघों के विचरण का दायरा बढ़ेगा

रात्रिकालीन यातायात पर प्रतिबंध लगाने से बाघ परिदृश्य के पुनर्जीवन मिलेगा। यूएसटीआर से इंद्रावती टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली वन परिदृश्य तथा ओडिशा के सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के बीच एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक गलियारा है। जनवरी 2026 में सीतानदी कोर क्षेत्र में बाघ की गतिविधि दर्ज की गई है। रात्रिकालीन व्यवधान समाप्त होने से बाघों की आवाजाही के लिए अनुकूल परिस्थितियां निर्मित होंगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू किया गया यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण के लिए अहम माना जा रहा है। रात के समय वाहनों की आवाजाही बंद होने से टाइगर रिजर्व में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और वन क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह कदम वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Published on:
24 Jun 2026 05:34 pm