
Pandit Pradeep Mishra: धमतरी ग्राम कांटाकुरीडीह (कुकरेल) में आयोजित पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण के महाकुंभ का मंगलवार को सुबह 11 बजे समापन हो गया। कथा में अंतराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के बारे में कहा कि प्रत्येक जीव में शिव है और शिव ही जीव है। उन्होंने कहा कि कलम, कसम और कदम हमेशा जनहित के लिए उठना चाहिए।
शिव भक्तों को शिव महिमा के बारे में बताते हुए कहा कि शिव महापुराण की कथा को पाने के लिए बड़ा पंडाल या सजावट की जरूरत नहीं है। एक पत्थर रूपी शिवलिंग में जल चढ़ाते हैं तो मन करता है कि इसमें शिव बसता है और बार-बार जल चढ़ाने से शिव के पत्थर में संकल्प बस जाता है। पत्थर की तरह संसार में जन्म लेने वाले हर जीव में शिव बसा है। जीव ही शिव है और शिव ही जीव है।
भगवान को भोग लगाएं या न लगाएं लेकिन अन्य जीवों को भोग भंडारा जरूर कराएं। पंडित मिश्रा ने कहा कि मंदिर के भीतर शंकर है और बाहर भी सब जीवों में परमात्मा बसा है। उन्होंने कहा कि जहां भी शिव महापुराण कथा हो रहा है वहां सूचना मिलने पर जरूर जाए। शिव महापुराण में कुछ तो होगा (Pandit Pradeep Mishra) तभी इतने शिव भक्त पहुंच रहे हैं। शिव महापुराण में कथा सुनने कौन पहुंचता है, जो शिव को एक लोटा जल चढ़ाता है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी जगह राजनेता आते हैं तो लोगों को लाने के लिए बस आदि वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। यहां शिव महापुराण सुनने के लिए लोग अपने खर्च पर आते हैं। सफलता पाने वाले लोग बहुत मिलेंगे, लेकिन सफल होने के बाद संतुष्ट होने वाले बहुत कम मिलेंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कलम को लेकर पत्रकारों से कहा कि कलम में बहुत दम होता है इसलिए इसे जनहित और राष्ट्रहित के लिए चलाएं।
आपके एक कलम से किसी का बुरा न हो। कांटाकुरीडीह में आयोजित पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा कार्यक्रम की सफलता पर श्री रूद्रेश्वर महादेव समिति संघ के महासंरक्षक दीपक लखोटिया ने शहर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के सबसे बड़े पहला धार्मिक आयोजन सभी के योगदान से पूर्ण हुआ। श्री रूद्रेश्वर महादेव समिति से जुड़े सदस्यों, ग्रामीणों का सहयोग रहा।
थावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को निशाने पर लिया है। दरअसल, बालोद में एक सभा में पूर्व सीएम बघेल ने कहा था कि एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ काम मत करो। खेत में काम मत करो, बच्चों को मत पढ़ाओ, बस एक लोटा जल चढ़ा दो तो सब (Pandit Pradeep Mishra) ठीक होगा। उन्होंने कहा कि हम इसे आस्था नहीं कह सकते। यह आस्था नहीं, बल्कि बीजेपी की ओर से फैलाया गया अंधविश्वास है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के इस बयान पर पंडित मिश्रा ने कहा कि भूपेश बघेल पहले एक लोटा जल चढ़ा कर तो देखे, तब पता चलेगा की विश्वास है या अंधविश्वास है। जिनको सनातन धर्म नहीं सुहाता, वो अलग विषय है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा- रावण ने मां जानकी को छुआ और लंका लेकर गया। आज तक दशहरे पर पूरे भारत में रावण का पुतला जलाया जाता है। इस व्यास पीठ के माध्यम से मेरा इतना सा निवेदन है कि अब रावण को छोड़ो और जिस मोहल्ले, नगर, गांव में छोटी बेटियों के साथ गलत कृत्य हो रहा है, उनको लाकर चौराहे पर जला दिया जाए।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी बात की शुरुआत यह कहते हुए की, कि नीयत-नजर और नीति के खराब होने की वजह से समाज बर्बाद हो रहा है। स्त्री का सम्मान नहीं हो पाया इसलिए रामायण हो गई, महाभारत हो गई। आने वाले समय में भी महाभारत और रामायण जैसे हालात बनेंगे। जो बेटियां अपने कंधों पर स्कूल बैग ठीक तरीके से धारण करके नहीं जा सकतीं, उनके साथ गलत हो रहा है।