धमतरी

पीएम आवास योजना का जिले में नहीं मिल रहा लाभ, पढ़े पूरी खबर

रैन वाटर हार्वेस्टिंग के बिना ही बना दिए गए 15 हजार मकान

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Apr 24, 2018
chhattisgarh news

धमतरी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों में करीब 15 हजार मकान बनाया गया है, जिसमें से किसी भी मकान में यह सिस्टम नहीं लगा है, जबकि गांवों में पेयजल की स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। जिले में लगातार वाटर लेबल गिरने के बावजूद शासन की योजना के तहत बनने वाले भवनों एवं मकानों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पिछले कुछ सालों से उम्मीद के अनुरूप मानसून में बारिश नहीं हो रही है, जिसका असर वाटर लेबल पर पड़ रहा है। दोहन के अनुरूप वाटर लेबल रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। इस कारण इस साल रबी सीजन में प्रशासन को धान की फसल पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। पीएचई के सूत्रों की माने तो जिले में करीब 2 सौ हैंडपंप में पानी के बजाए सिर्फ हवा निकल रही है। इसके बाद भी भवनों एवं मकानों में वाटर हार्वेसिस्टम लगाने अपेक्षित प्रयास नहीं किया जा रहा है। आज की स्थिति में शहर से ज्यादा गांवों में इस सिस्टम को लगाना अनिवार्य हो गया है, क्योंकि गलियों का सीमेंटीकरण होने से बारिश का पानी बहकर निकल जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवोंं में मकान बनाया गया है। किसी भी मकान में रैन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम नहीं लगा है।

नहीं दिया गया ध्यान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में हजारों की संख्या मेंं करोडों रुपए की लागत से मकान बनाया गया है। अधिकारियों की माने तो इस योजना में वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के लिए अनिवार्य कर दिया जाता, तो गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल संकट से सामना नहीं करना पड़ता। बारिश का पानी छतों से होकर पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिम के गड्ढे में चला जाता, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

योजना का कोई लाभ नहीं

पंचायत विभाग के सहायक संचालक, अनिल लछवानी का कहना है की- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवोंं में मकान बनाया गया है। किसी भी मकान में रैन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम नहीं लगा है। आज की स्थिति में शहर से ज्यादा गांवों में इस सिस्टम को लगाना अनिवार्य हो गया है, क्योंकि गलियों का सीमेंटीकरण होने से बारिश का पानी बहकर निकल जाता है। जिससे की इस योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा हैं|

Published on:
24 Apr 2018 01:46 pm