
NEET Exam: देश के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने एवं NEET पेपर लीक कांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विद्याकुंज स्कूल के बच्चों ने ज्ञापन सौंपने से पहले 50 विद्यार्थियों के हस्ताक्षर अभियान चलाकर समर्थन जुटाया, जिसके बाद 23 जुलाई को धमतरी कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बच्चों का कहना है कि वे विद्याकुंज स्कूल, ग्राम लोहरसी, जिला धमतरी के कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी हैं।
वे भविष्य में डॉक्टर बनकर देश एवं समाज की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन NEET पेपर लीक कांड के बाद से अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सभी विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को तत्काल मंत्री पद से हटाया जाए तथा NEET पेपर लीक कांड में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में रुचि साहू इशिता ध्रुव गरिमा गंजीर शामिल हैं।
ज्ञापन सौंपने से पहले विद्यालय के करीब 50 विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांग के समर्थन में हस्ताक्षर जुटाए। इसके बाद 23 जुलाई को धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में विद्यार्थियों ने लिखा कि वे विद्याकुंज स्कूल, ग्राम लोहरसी, जिला धमतरी के कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राएं हैं। उनका सपना डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना है, लेकिन NEET पेपर लीक की घटनाओं ने उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है।
आपको बता दे देश की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर इन दिनों शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी समूहों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से भी कई छात्र और युवा इस अभियान का हिस्सा बने हैं। हालांकि, जंतर-मंतर पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के लोगों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक या सरकारी आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रदर्शन में शामिल संगठनों का दावा है कि देशभर से हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं।
'