23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सरकारी स्कूलों में अब मुफ्त मिलेगी NEET-JEE की कोचिंग, दुर्ग में अगस्त से शुरू होंगी विशेष कक्षाएं

Durg Government Schools NEET JEE Coaching: दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 11वीं और 12वीं के चयनित छात्रों को NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देने का फैसला किया है।
2 min read
Google source verification
NEET JEE Free Coaching Chhattisgarh

सरकारी स्कूलों में अब मुफ्त मिलेगी NEET-JEE की कोचिंग (फोटो सोर्स- AI)

Free NEET Coaching in Durg: दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए अब नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने 11वीं और 12वीं के चयनित विद्यार्थियों के लिए निशुल्क विशेष कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। अगस्त से नियमित कक्षाएं प्रारंभ होंगी। इसके लिए बुधवार को संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग संभाग डॉ. के.वी. राव ने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की बैठक लेकर योजना की रूपरेखा तय की।

विषय विशेषज्ञ शिक्षक देंगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

बैठक में जिले के शासकीय विद्यालयों के 40 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को कोचिंग संचालन की जिम्मेदारी और कार्ययोजना से अवगत कराया गया। डॉ. राव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक मेरिट और प्रतियोगी चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त होते हैं। उनके अनुभव और विषय ज्ञान का लाभ अब सीधे विद्यार्थियों को मिलेगा, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्र भी नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ करेंगे शिक्षकों को प्रशिक्षित

कोचिंग शुरू होने से पहले चयनित शिक्षकों को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा कराया जाएगा। इसमें शिक्षकों को परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के स्तर, प्रभावी शिक्षण तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की आधुनिक रणनीतियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद अगस्त से नियमित कोचिंग कक्षाएं शुरू होंगी।

समय-सारिणी और विषयवार जिम्मेदारियां तय

बैठक में कोचिंग की समय-सारिणी, विषयवार पाठ्यक्रम और प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराने के उद्देश्य से विषय एवं टॉपिक के अनुसार शिक्षकों का दायित्व निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि समयबद्ध मार्गदर्शन और विशेषज्ञ शिक्षकों के सहयोग से सरकारी स्कूलों के अधिक विद्यार्थी इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।