Kurud Abhanpur Rail Line: कुरुद से अभनपुर नई रेल लाइन पर जल्द ही रेल सेवा शुरू होने वाली है। रेलवे ने 110 किमी की स्पीड से ट्रेन दौड़ाकर इसका सफल ट्रायल किया।
Kurud Abhanpur Rail Line: रायपुर जिले के अभनपुर से कुरुद के बीच बड़ी रेल का परिचालन शुरू करने बुधवार को एसई सर्कल कोलकाता का सीआरएस ने चप्पे-चप्पे की जांच की। दो चरणों में जांच पूरी की गई। अभनपुर से कुरुद तक 22.43 किमी लंबे रेल खंड में सुरक्षा मानकों की सूक्ष्मता से जांच की गई। 8 मोटर ट्राली के माध्यम से सीआरएस सहित विशेषज्ञों की टीम ने पटरियों की फिटिंग, सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिक पोल की दूरी, रेलवे ब्रिज की जांच की गई। इसमें कोई खामी नहीं मिली।
इसके बाद कुरुद रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया गया। यहां जगह-जगह खामियां मिली। इसे सीआरएस ने अपनी डायरी में भी नोट किया। ब्रांडिंग-अर्थिंग कनेक्शन सेक्शन में 2 स्थानों पर प्लेट अर्थ रॉड नहीं लगे थे। इस पर सीआरएस ने नाराजगी जाहिर की और सुधार के निर्देश दिए। ईआई कक्ष के दरवाजे के दोनों पल्ले में सेंसर लगा दिया गया था। यहां एक पल्ले में ही सेंसर लगना था। इसके अलावा प्लेटफार्म और स्टेशन के फस्र्ट फ्लोर के अन्य शाखाओं में भी छोटी-बड़ी खामियां मिली। सभी में जल्द सुधार के निर्देश दिए गए।
इसके बाद कुरुद से 110 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो अभनपुर से कुरुद के बीच मार्च महीने से रेल परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। जांच में रायपुर रेल मंडल के डीआरएम दयानंद, डीएसओ सुरेश चंद्र, उत्कर्ष पांडे, पारीक मिश्रा, सीनियर डीओएम मनीष अग्रवाल, विवेक पटेल, पी मोहम्मद, बीके चौधरी, राजेश कुमार शाह आदि पहुंचे थे।
इधर धमतरी के लिए फिर इंतजार करना होगा। अब तक रेलवे द्वारा धमतरी रेलवे स्टेशन क्षेत्र से अतिक्रमण तक नहीं हटाया जा सका है। अभी भी 50 से अधिक लोगों का अतिक्रमण हटाना शेष है। गुड्स टर्मिनल का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। स्टेशन में भी कई काम अधूरे हैं। 12 से 15 किमी तक पटरी बिछाना शेष है। इलेक्ट्रिक कनेक्शन भी अधूरा है। इसके अलावा कई छोटे-बड़े काम शेष है। इधर अधिकारी 15 अप्रैल तक कुरुद से धमतरी के बीच रेल सेवा शुरू करने का दावा कर रहे हैं। हो रही देरी को लेकर जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी मौन है।
ब्रिटिश काल में वर्ष-1871 में रायपुर से नागपुर जाने के लिए इस रेलवे मार्ग की योजना बनाई गई थी। वर्ष-1900 में छोटी रेल लाइन का निर्माण हुआ। इसके बाद से रायपुर से केन्द्री और केन्द्री से धमतरी के बीच छोटी रेल लाइन का परिचालन किया जा रहा था। रेलवे बोर्ड द्वारा तीन चरणों में छोटी रेल सेवा का संचालन बंद किया गया। सर्वप्रथम 30 अप्रैल 2017 को आखिरी बार तेलीबांधा स्टेशन से छोटी रेल छूटी।
1 मई 2017 से प्रतिदिन केन्द्री स्टेशन से धमतरी तक रेल का परिचालन किया गया। पश्चात जून-2019 में केन्द्री से धमतरी के बीच छोटी ट्रेन के परिचालन को बंद किया गया। 7 साल से रेल सेवा बंद है। धीरे-धीरे निर्माण के साथ परिचालन को शुरू किया जा रहा है। पहले केन्द्री से अभनपुर के बीच फिर अभनपुर से राजिम के बीच परिचालन शुरू हुआ। अब अभनपुर से कुरुद के बीच परिचालन शुरू करने की तैयारी है। धमतरी के लिए अभी भी अधूरा निर्माण रोड़ा बना हुआ है।
21 दिसंबर 1920 में रायपुर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कंडेल नहर सत्याग्रह का नेतृत्व करने भाप इंजन ट्रेन से धमतरी पहुंचे थे। इस समय धमतरी-रायपुर का रेल किराया 1.50 से 2 रूपए था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वर्ष1944 के आसपास धमतरी से कोंडागांव तक नेरोगेज रेल का विस्तार हुआ, लेकिन कुछ वर्ष बाद इसे बंद कर दिया गया।
1995-96 से बड़ी रेल लाइन की मांग ने जोर पकड़ा। 100 से अधिक बार रायपुर रेलवे अधिकारियों ने निरीक्षण किया। 2011-12 में बड़ी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिली। 2019 में भूमिपूजन के साथ काम शुरू हुआ। 543.93 करोड़ रूपए का बजट मिला। केन्द्री रायपुर से धमतरी के बीच कुल 10 स्टेशन बनेंगे। अभनपुर, कुरुद, धमतरी के स्टेशन बड़े होंगे। रायपुर से धमतरी तक ट्रैक की कुल लंबाई 67.20 किमी है। रायपुर से धमतरी तक नियमित रेल परिचालन से लगभग 25 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।