MP News: खाद्य पदार्थ में उपयोग आने वाली सामग्रियों के दामों में आंशिक वृद्धि हो गई है। इन सबका असर सिर्फ आम ग्राहक पर पड़ रहा है....
MP News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब स्थानीय बाजारों तक साफ दिखाई देने लगा है। गैस आपूर्ति में बाधा और खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों के चलते शहर के होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने भोजन और नाश्ते के दाम बढ़ा दिए हैं। हालात यह हैं कि जहां एक ओर थाली करीब 10 प्रतिशत तक महंगी हो गई है, वहीं समोसे-कचोरी का आकार भी छोटा कर दिया गया है।
ईरान-अमरीका युद्ध का असर गैस के साथ खाद्य पदार्थों के दाम पर भी दिखाई देने लगा है। खाद्य पदार्थ में उपयोग आने वाली सामग्रियों के दामों में आंशिक वृद्धि हो गई है। इन सबका असर सिर्फ आम ग्राहक पर पड़ रहा है। अनेक लोगों ने विकल्प को अपनाना शुरु कर दिया है। बदनावर, कुक्षी, राजगढ़ और धामनोद में सिलेंडर की वेटिंग चल रही है। गैस किल्लत का असर अलग-अलग क्षेत्रों में आम उपभोक्ता से लेकर व्यवसाय और उद्योगों पर दिख रहा है।
कमर्शियल गैस की आपूर्ति कम होने के बाद आम छोटे-बड़े व्यापारियों ने विकल्प के तौर पर डीजल और लकड़ी भट्टी की ओर कदम बढ़ाए थे। अब यहां पर मांग बढऩे के कारण ना सिर्फ दाम बढ़े हैं बल्कि लकड़ी में आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जिला मुख्यालय स्थित लकड़ी पीठे सूने होने लगे हैं। किसानों द्वारा बबूल सहित अन्य प्रतिबंध मुक्त पेड़ों को काटकर बेचा जाता था। अब ऐसे वाहन भी विभागीय कार्रवाई का शिकार हो रहे हैं।
वन विभाग के डिपो में बड़े पैमाने पर अलग-अलग स्थानों पर लकडिय़ों का भंडारण किया हुआ है। विभाग द्वारा इसको नीलाम नहीं किया जा रहा है जिसके कारण लकड़ी पीठे में व्यापार प्रभावित हो रहा है और लकड़ी भट्टी का विकल्प अपनाने वाले लोगों को भी दिक्कतों के बीच लकड़ी मिल रही है। इस बीच लकड़ी के दाम 100 रुपए क्विंटल तक बढ़ गए है। अब 700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लकड़ी दे रहे हैं।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 1 हजार से अधिक कंपनियां वर्तमान में कार्यरत है। इनमें हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। 70 प्रतिशत से अधिक श्रमिक राज्य के बाहरी क्षेत्रों से आए हुए परिवार हैं। इनमें बड़े पैमाने पर लोगों के पास स्थानीय दस्तावेज नहीं है। ऐसी स्थिति में इन्हें घरेलू गैस के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
खाद्य विभाग द्वारा आधार कार्ड के आधार पर करीब 1500 रुपए में 5 किलो गैस का सिलेंडर उपलब्ध शुरु किए है। इसके बाद सिलेंडर करीब 650 रुपए में मिलेगा। गैस उपकरण बेचने वाले लोगों को इसका वेंडर बनाया गया है। इसके बावजूद इसके प्रति जागरुकता कम दिख रही है। दरअसल, 5 किलो के सिलेंडर के दाम कमर्शियल गैस के तुलनात्मक हो रहे है।
एलपीजी संकट के बीच पूरा फोकस पीएनजी गैस कनेक्शन आ गया हैं। धार शहर सहित जहां भी गैस लाइन है, वहां लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी है। शिविर लगाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। पीएनजी गैस एजेंसी ने रहवासी कॉलोनियों में लाइन बिछाना भी शुरु कर दिया है। जहां-जहां पूर्व से लाइन है वहां कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
शुरुआती दौर में सरकारी वेंडर्स को गैस की टंकियां उपलब्ध कराने में दिक्कतें आई थी। उस दौरान कुछ लोगों ने वैकल्पिक साधन खरीद लिए। अब कमर्शियल गैस की आपूर्ति वेंडर्स को की जा रही है। हम घरेलू गैस की वेटिंग को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। -श्रीराम बर्डे, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी धार